मुजफ्फरनगर। योगी सरकार के कौशल विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने कंपनी बाग के सामने टाटा टेक्नोलॉजी द्वारा निर्माणाधीन सीआईआई आईटी परिसर का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को जरुरी निर्देश दिए। यह संस्थान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच व मंत्री कपिल देव अग्रवाल के सतत प्रयासों का परिणाम है, जिसमें करीब 262 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित हो रहे इस अत्याधुनिक कॉलेज के माध्यम से मुजफ्फरनगर सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार का नया द्वार खुलेगा।
नगर मुख्यालय पर निर्माणाधीन सीआईआईआईटी के निरीक्षण के दौरान मंत्री कपिल देव ने अधिकारियों को निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह संस्थान आने वाले समय में युवाओं को एडवांस आॅटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, असेंबली लाइन टेक्नोलॉजी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी अत्याधुनिक तकनीकों की शिक्षा प्रदान करेगा।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार का लक्ष्य मात्र डिग्री बांटना नहीं, अपितु युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा देकर आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार ने शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में जो भी अब तक ऐतिहासिक सुधार किए हैं, उनके परिणाम धरातल पर दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसमें आईआईटी, पॉलिटेक्निक और अब सीआईआईआईटी जैसे नए संस्थान प्रदेश को तकनीकी दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने युवाओं को रोजगार व उद्यमिता से जोड़ने के लिए अनेक योजनाएं चलाई हैं। एक जिला-एक उत्पाद से लेकर विक्रेता सम्मान योजना, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसी योजनाएँ युवाओं के भविष्य को नई दिशा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी तकनीकी शिक्षा और रोजगार की शक्ति बनकर उभरेगा।
बता दें, पूरे उत्तर प्रदेश में अब तक कुल 5 सीआईआईआईटी कॉलेज स्थापित हुए हैं, उनमें से एक मुजफ्फरनगर की धरती पर बन रहा है। यह संस्थान न केवल युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देगा बल्कि उन्हें आत्म निर्भर बनाते हुए देश-प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान करने का अवसर भी प्रदान करेगा।






