मुजफ्फरनगर। सहकारी बैंक कर्मचारियों की आवाज बुलंद करने वाले बड़े संगठन को-आॅपरेटिव बैंक्स स्टाफ एसोसिएशन उत्तर प्रदेश का राज्य स्तरीय अधिवेशन शनिवार को मुजफ्फरनगर में उत्साहपूर्ण माहौल के बीच प्रारंभ हुआ। नगर के महाराजा अग्रसेन भवन में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर से आए शीर्ष ट्रेड यूनियन नेता और प्रदेश के 30 से अधिक जिलों के प्रतिनिधि एकजुट हुए, जहां सहकारी बैंकों की समस्याओं और कर्मचारियों के हितों पर मंथन शुरू हुआ।
अधिवेशन का शुभारंभ सभी अतिथियों के स्वागत, पटका, माला और शॉल पहनाने के बाद मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और दिवंगत ट्रेड यूनियन नेताओं को पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आॅल इंडिया को-आॅपरेटिव बैंक इम्प्लाइज फेडरेशन महासचिव केवीएस रवि ने अपने संबोधन में सहकारी बैंकों की मौजूदा चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस अधिवेशन से सभी समस्याओं के समाधान की रणनीति तय होगी। उन्होंने कर्मचारियों की भूमिका को बैंकिंग व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। जयपुर से आए एआईसीबीईएफ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सूरजभान सिंह आमेरा ने कहा कि आज नीति-निर्माता और बैंक प्रबंधन कर्मियों पर दबाव बनाने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं, जबकि बैंकिंग व्यवस्था की मजबूती और सुधार पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने सरकार के श्रम सुधारों को कर्मचारी हितों के विपरीत बताया। वहीं इंदौर से आए एआईसीबीईएफ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जीआर निमगांवकर, लखनऊ से यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष एसके संगतानी, कानपुर से उप महामंत्री रजनीश गुप्ता ने सभा को संबोधित करते हुए संगठन की एकजुटता पर बल दिया।
जिला सहकारी बैंक चेयरमैन ठा. रामनाथ सिंह ने देश और प्रदेश से आए प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए जनपद मुजफ्फरनगर की ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक धरोहर का उल्लेख किया। वहीं जिला सहकारी बैंक के सीईओ राजेश कुमार ने बैंक की प्रगति में कर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए आयोजन की सफलता की शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में फतेहपुर से प्रदेश अध्यक्ष बिजेंद्र स्वरूप, लखनऊ से महासचिव विजय सक्सेना भी शामिल रहे। अधिवेशन व्यवस्था का नेतृत्व यूनिट मंत्री अशोक कुमार शर्मा एवं मंच संचालन यशवीर सिंह ने किया।







