मुजफ्फरनगर। योगी सरकार की ओर से नगरीय निकायों को आर्थिक संबल प्रदान करते हुए राज्य वित्त की मासिक किश्त की धनराशि में बढ़ोतरी की है। जून माह की किश्त में जिले की दो पालिकाओं समेत 10 निकायों पर धनवर्षा की है। इन निकायों को 5वें राज्य वित्त आयोग की संस्तुति के तहत 17.45 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि अवमुक्त कर दी गई है, इससे निकायों में विकास को गति मिलने के साथ इनकी सूरत सुधरती दिखाई देगी।
निदेशालय स्थानीय निकाय उत्तर प्रदेश के निदेशक अनुज कुमार झा की ओर से प्रदेश की 17 नगर निगमों, 200 पालिका परिषदें और 545 नगर पंचायतों को 5वें राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में व्यवस्थित सामान्य समानुदेशन से माह जून 2025 के भुगतान की स्वीकृति प्रदान करने के साथ धनराशि अवमुक्त कर दी गई है। जून माह में निकायों की धनराशि में बढ़ोतरी की है। जिले के दस निकायों को मिली धनराशि में 3 माह में राज्य वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि में दो करोड़ रुपये से ज्यादा का इजाफा किया गया है। इस माह 10 निकायों को 17 करोड़ 45 लाख 65 हजार 746 रुपए की धनराशि अवमुक्त की है, जिसमें नगर पालिका परिषद् मुजफ्फरनगर को 12 करोड़ .2 लाख 82 हजार 138 रुपए, खतौली पालिका को 1,67,25,694 रुपये जारी किये हैं। जबकि 8 नगर पंचायतों में बुढ़ाना टाउन को 78,23,750, मीरांपुर को 59,15,238 रुपए, पुरकाजी को 53,80,420 रुपए, चरथावल में 42,83,380 रुपए, जानसठ को 39,15,862 रुपए, शाहपुर को 38,65,560 रुपए, भोकरहेड़ी में 34,40,728 रुपए और नगर पंचायत सिसौली को 29,32,976 रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है।
इन्होंने कहा-
पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि पंचम राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर नगरीय निकायों की आमदनी और खर्च के आधार पर मासिक किश्त में धनराशि अवमुक्त की जाती है, इसमें अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन, भत्ते तथा अधिष्ठान खर्च पूरा किया जाता है। नगरपालिका में करीब 4.50 करोड़ रुपये वेतन आदि मासिक खर्च है। इससे जो धनराशि बचती है वो पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता, पथ प्रकाश व जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए खर्च करने की अनुमति है। पिछले तीन माह से राज्य वित्त में निकायों को जारी होने वाली धनराशि में बढ़ोतरी की जा रही है।
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मार्च से जून तक कुछ ऐसे मुजफ्फरनगर। प्रदेश की नगरीय निकायों में बरसों से एक तयशुदा राशि पंचम राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर मिल रही थी, लेकिन मई से इसमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जनपद की दो पालिका और आठ नगर पंचायतों की बात करें तो इन दस नगरीय निकायों को मार्च 2025 में 15 करोड़ 45 लाख 39 हजार 323 रुपये मिले थे, वहीं अपै्रल माह में इन निकायों को 17 करोड़ 11 लाख 28 हजार 708 रुपये जारी किये गये। अपै्रल के मुकाबले मई माह में धनराशि घटी लेकिन मार्च माह से ज्यादा रही। मई 2025 में राज्य वित्त में 10 निकायों में कुल 16 करोड़ 18 लाख 98 हजार 295 रुपये जारी किये गये। जून माह में 17 करोड़ 45 लाख 65 हजार 746 रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है। मार्च माह के मुकाबले जून माह में इन दस निकायों को दो करोड़ 26 हजार 423 रुपये अधिक मिले हैं।






