मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों को बंद किए जाने के साथ कौशांबी एवं प्रयागराज जिले की घटनाओं के विरोध में गुरूवार को आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की जिला इकाई ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। पार्टी जिला अध्यक्ष दिनेश बावरा के नेतृत्व में इस बीच डीएम के माध्यम से यूपी की राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। उक्त ज्ञापन के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के 27,965 प्राथमिक विद्यालयों को बंद किए जाने के निर्णय को वापस लेने के साथ कौशांबी और प्रयागराज में हुई दलित उत्पीड़न से जुड़ी घटनाओं की सीबीआई जांच की मांग प्रमुखता से उठाई।
आजाद समाज पार्टी कांशीराम की ओर से सौंपे ज्ञापन में कहा गया कि प्राथमिक स्कूलों को बंद करना संविधान के अनुच्छेद 21-ए शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और अनुच्छेद 46 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है, जो कमजोर वर्गों की शिक्षा के साथ आर्थिक हितों की रक्षा की बात करता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का यह फैसला गरीब और वंचित समाज के बच्चों के शिक्षा के अधिकार को छीनने वाला है, जिसे वापस लिया जाना चाहिए। इसके साथ ही ज्ञापन में जनपद कौशांबी के लौहदा गांव, थाना सैनी में 8 वर्ष की बच्ची के साथ दुष्कर्म और प्रयागराज के इसौटा गांव थाना करछना में अनुसूचित जाति के युवक को जिंदा जलाकर मार देने की घटना का जिक्र करते हुए उक्त मामलों की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि करछना में 29 जून को पीड़ित परिवार व अन्य लोगों के साथ पुलिस द्वारा लाठी चार्ज, पथराव एवं तोड़फोड़ की गई, जिसमें एक दलित युवक सुनील गौतम (उम्र 25 वर्ष) की मृत्यु हो गई। आसपा ने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच हो, दोषियों को सजा मिले और निर्दोष लोगों को रिहा किया जाए। इस दौरान दर्जनों लोगों ने विरोध दर्ज कराते हुए कलेक्ट्रेट में धरना दिया।






