मुजफ्फरनगर। शहरी क्षेत्र से एकत्र कूड़े से विद्युत बनाने यानि वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के अधर में लटके कार्य के फिर से शुरू होने की आस जगी है। डीएम उमेश मिश्रा ने गुरूवार को तहसील सदर के मौ.किदवई नगर में स्थित इस वेस्ट एनर्जी प्लांट का नीदरलैंड कंपनी के डायरेक्टर थिरस गिलिंग के साथ निरीक्षण किया। उक्त योजना करीब 9 वर्ष पूर्व तत्कालीन चेयरमैन पंकज अग्रवाल ने अपने कार्यकाल के दौरान नीदरलैंड की कंपनी को मुजफ्फरनगर में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट को स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया गया था। उनके कार्यकाल के दौरान ही कई बार कंपनी अधिकारियों ने यहां आकर किदवईनगर स्थित एटूजेड प्लांट का निरीक्षण कर प्लांट स्थापित करने के लिए अपनी डीपीआर भी सौंपी थी, लेकिन हर बार बजट की समस्या खड़ी होने के कारण मामला अधर में लटका रहा। दो वर्ष पूर्व प्रशासन ने इस मामले को ठंडे बस्ते से निकाला और इसमें शासन स्तर से भी बजट की व्यवस्था कराने का भी काम किया, तो प्लांट तक पहुंचने के लिए काली नदी की ओर से रास्ता और पुल बनाने की अड़चन पैदा हो गई थी।
गुरूवार को डीएम उमेश मिश्रा ने वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के निकट कूड़े को देखकर उसे निस्तारित कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित कार्यदाई संस्था को चिन्हित जगह की साफ- सफाई कर जीसी इंडिया कंपनी को जगह उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे जीसी इंडिया कंपनी मशीन स्थापित कर कूड़े का निस्तारण अति शीघ्र प्रारंभ कर सके। डीएम ने ईओ पालिका डॉ. प्रज्ञा सिंह एवं हेल्थ आॅफिसर व संबंधित एजेंसी को निर्देश दिए कि कूड़े का शीघ्र ही निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि शहर के आबादी वाले एरिया का कूड़ा यहां पर ना इकट्ठा किया जाए। कूड़े को नई दूसरी जगह पर शिफ्ट कर, उसका निस्तारण कराने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ईओ पालिका को निर्देश दिए कि कार्य में संबंधित कार्यदायी संस्था को पूर्ण सहयोग किया जाए। इस दौरान डीएम ने सुजडू स्थित निर्माणाधीन ओवर ब्रिज का निरीक्षण किया। डीएम को ईओ पालिका ने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना के अंतर्गत ओवर ब्रिज आंवटन हुआ और इस ओवर ब्रिज के निर्माण कार्य के लिए 3 करोड़ रुपए की धनराशि आवंटित हुई है, जो इस निर्माण कार्य में व्यय की गई। डीएम ने ईओ पालिका को निर्देश दिए कि एडीएम प्रशासन, एसडीएम सदर, संबंधित लेखपाल व संबंधित कार्यदायी संस्था के साथ बैठक कर ओवर ब्रिज कहां से कहां तक जोड़ा जाएगा और कहां पर निकाला जाएगा, इसका मैप तथा पैमाइश कर आगे की कार्रवाई कराना सुनिश्चित की जाये। उन्होंने निर्देश दिए कि व्यक्तिगत संज्ञान लेते हुए कार्य को पूरा किया जाए। इस दौरान एडीएम प्रशासन संजय कुमार सिंह, ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह, हेल्थ आॅफीसर, लेखपाल एवं कार्यदाई संस्था के अधिकारी आदि मौजूद रहे।







