मुजफ्फरनगर। नगर पालिका प्रशासन पर सफाई कर्मियों के हितों के प्रति तानाशाही एवं उदासीनता का आरोप लगाते हुए शुरू राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी महासंघ का आंदोलन चौथे दिन उग्र होने के साथ ही भूख हड़ताल में बदल गया। सफाई कर्मचारियों की 17 सूत्रीय मांगों को लेकर बीते 16 जून से टाउनहाल परिसर में जारी यह धरना गुरूवार को भूख हड़ताल में तब्दील हो गया। महासंघ के जिलाध्यक्ष चमन लाल ढिंगान के साथ सफाई कर्मचारी व सफाई नायक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए, ये भूख हड़ताल मात्र चंद घंटे चली। यहां पहुंचे नगर मजिस्ट्रेट पंकज सिंह राठौर ने चमन लाल को जूस पिलाकर धरना समाप्त कराते हुए भरोसा दिया कि उनकी जो न्याय संगत मांग हंै, वो पूरी होंगी।
टाउनहाल प्रांगण में चार दिनों से जारी धरने पर सफाई कर्मियों व वाल्मीकि समाज के लोगों को सम्बोधित करते हुए चमन लाल ढिंगान ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि नगर पालिका प्रशासन ने सफाई कर्मियों को अब बंधुआ मजदूर समझ रखा है। ऐसे में महीनों काम करवाने के बावजूद वेतन नहीं दिया जाता और बिना किसी नोटिस नौकरी से निकाल दिया जाता है। यह अन्याय अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महासंघ अंतिम सांस तक कर्मियों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने को प्रयासरत रहेगा। धरना स्थल पर मुख्य रूप से महामंत्री सागर वाल्मीकि, सफाई नायक पाल्लेराम, सूरज, नंद किशोर, पदम, अशोक कुमार, जितेन्द्र मचल, विकास कुमार, काजल सुधा, प्रवीण मचल, वेदू घाघट, पाल्ला ढिंगान, मुकेश, मिलन, हरफूल गहलौत, डॉ. मुनेश, सोनू, सतीश, अक्षय, मनोज, राजकुमार, अरुण, सुरेश, गोलू, अजय ढिंगान, पप्पू, धर्मेन्द्र, प्रमोद, शुभम, दीपक, राहुल, गौतम, शमशाद, रमेश वेद, बिजेंद्र, विनोद, भारत, आजाद, अजय, सोनू भगत, कार्तिक, बॉबी, आशु, नीतू, सुनील एवं अजीत आदि कर्मचारियों के साथ समाज के लोग उपस्थित रहे।
बता दें, सफाई कर्मचारियों की इन 17 सूत्रीय मांगों में मुख्य रूप से नियमितीकरण, वेतन भुगतान, सामाजिक सुरक्षा, वर्दी व उपकरण की उपलब्धता, काम के घंटे निर्धारित करना प्रमुख रूप से शामिल हैं।







