मुजफ्फरनगर। जनपद की ऐतिहासिक धरोहरों में शुमार मोती झील, जिसकी क्षेत्र में पर्दाफाश झील के रूप में अपनी अलग पहचान रही है, उसकी कुछ सिरफिरों के चलते सुसाइड प्वाइंट के रूप में आम लोगों द्वारा अपनी एक नकारात्मक पहचान बन गई है। अब , लेकिन मोती झील के दिन बहुरने प्रारंभ हो गए हैं। डीएम उमेश मिश्रा के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी कर ली है। पहले चरण में सफाई के बाद अब दूसरे चरण में निर्माण कार्यों को लेकर निरीक्षण व मंथन का दौर जारी है। इसके साथ ही ऐतिहासिक, पौराणिक, धार्मिक व रहस्यमयी पहलुओं को लेकर खोजबीन शुरू है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगामी 11 मई को शुकतीर्थ आगमन पर उनके समक्ष इस प्रोजेक्ट को प्रस्तुत करने के लिए एक डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाने का काम शुरू कर दिया गया है।
नगर के पश्चिमी छोर पर स्थित ऐतिहासिक एवं पौराणिक धरोहर मोती झील के सौन्दर्यकरण के लिए शुरू प्रयासों के बीच डीएम उमेश मिश्रा के दिशा-निर्देशन में मोती झील का अधिकारियों द्वारा पुन: निरीक्षण किया गया। बुधवार को पालिका और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेन्द्र सिंह ने स्थलीय निरीक्षण करते हुए मोती झील से जुड़े कार्यों को लेकर निर्देश दिये। पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि पालिका के स्तर से मोती झील प्रोजेक्ट में योगदान किया जा रहा है, यहां पर स्वास्थ्य और निर्माण विभाग की टीमों को लेकर समतलीकरण का कार्य किया जा रहा है। यहां पालिका को प्रमुख रूप से सड़क से झील तक पहुंचने के लिए मार्ग तैयार करने के साथ ही अन्य कार्य भी कराए जाने हैं। नगरपालिका द्वारा सरकारी भूमि का चिन्हीकरण भी शुरू हो गया है। चिन्हीकरण के दौरान भूमि पर पिलर गाड़ने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है, जिससे आगे की विकास योजना सुचारु ढंग से अमल में लाई जा सके। बुधवार को मोती झील के निरीक्षण में एडीएम फाइनेंस गजेंद्र सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ प्रस्तावित सौन्दर्यकरण कार्यों को लेकर गहन विचार मंथन किया। उन्होंने बताया कि यहां पर सिंचाई विभाग को झील के संरक्षण के लिए उसके चारों ओर राजस्व विभाग से भूमि का चिन्हीकरण कराते हुए तीन फुट ऊंचा बांध बनाने के लिए कार्य सौंपा गया है। इसके साथ ही नगर पालिका के स्तर से यहां पर सड़क निर्माण और अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। यह झील आगामी दिनों में लोगों के लिए एक भव्य पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित की जायेगी। उन्हीं कार्यों के लिए स्थलीय निरीक्षण किया गया। उनके साथ एसडीएम सदर निकिता शर्मा, तहसीलदार सदर राधेश्याम गौड़, नगरपालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह और सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।






