बासमती धान की खुशबू से महकेगा मुजफ्फरनगर : डीएम

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मुजफ्फरनगर। विकास भवन सभागार में बासमती धान-बायर-सेलर मीट आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता डीएम उमेश मिश्रा ने की। इस बैठक में सीडीओ कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, एपीडा से डॉ रितेश शर्मा, संयुक्त निदेशक बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान मेरठ और निर्यातकों में सुरेन्द्र कुमार एग्रो इण्डिया ताराबडी करनाल, मधुसूदन भारद्वाज, सपल टेक अमृतसर, पंकज कुमार दयाल सीड्स एण्ड फर्टिलाइजर्स, सुधीर कुमार चमन लाल सेतिया करनाल, विनोद सैनी, नीर आदर्श आर्गेनिक एफपीओ सरधना मेरठ, अभिषेक कुमार फार्च्यून राइस, शिवम दौलत राइस ग्रुप संभल मौजूद रहे।
डीएम उमेश मिश्रा ने धन्यवाद करते हुए निर्देशित किया कि सभी कृषक बाजार-मांग के अनुसार खेती करें और यूरोप, अमेरिका एवं पश्चिम एशियाई देशों में निर्यात योग्य बासमती प्रजातियों का उत्पादन करें। उन्होंने बीज की गुणवत्ता पर ध्यान देते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उच्च गुणवत्ता युक्त बीज किसानों को उपलब्ध कराए जायें। वहीं मानक के विपरीत बीज विक्रेताओं पर कड़ी कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि बीज चयन के साथ नर्सरी के खेत की तैयारी से लेकर कटाई तक तकनीकी विधियों को अपनाने के साथ ही किसानों से अनुरोध किया कि वे लागत को कम करने हेतु उचित मात्रा में उर्वरक, दवा एवं पानी का उपयोग करें। जिससे कृषक की लागत में कमी के साथ साथ जल एवं जमीन को बचाया जा सकें। उन्होंने कृषि से उद्योग का नारा देते हुए विशेषकर युवाओं को कृषि में अपने रोजगार प्राप्त करने हेतु आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को 25 लाख तक के लोन 25 प्रतिशत सब्सिडी पर प्राप्त करने के साथ युवा किसानों को भविष्य में बासमती चावल की प्रोसेर्सिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग क्षेत्र में कार्य करने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में डीडी कृषि संतोष कुमार ने परिचय के साथ सभी का स्वागत किया। रितेश शर्मा संयुक्त निदेशक ने बासमती धान उत्पादन हेतु तकनीकी जानकारी देते हुए बासमती उत्पादन के विभिन्न चरणों में आने वाली समस्याओं एवं समाधान के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि गत वर्ष मार्च तक 6 मिलियन टन बासमती चावल का निर्यात करने से करीब 5390 मिलियन अमेरिकी डॉलर विदेशी मुद्रा की प्राप्त हुई। देश में कुल कृषि निर्यात का 20 प्रतिशत केवल बासमती चावल का होता है। एग्रो इण्डिया के प्रतिनिधि सुरेन्द्र ने बताया कि उनकी कम्पनी बासमती निर्यात में देश में प्रथम है। वे मुख्यालय से पीबी-1, पीबी-1401, 1637, 1121,1718 बासमती प्रजातियों का निर्यात करते है। मानक के अनुरूप उत्पाद होने पर बासमती धान का निर्यात करने में कोई समस्या नहीं है। सपल टैक प्रतिनिधि ने बताया कि उनके द्वारा पीबी-1121, 1718, 1885, 1692, 1509 का निर्यात होता है। दौलत राईस ग्रुप से शिवम ने बताया कि उनके बासमती प्रजातियों के साथ अन्य कृषि उत्पाद का निर्यात किया जाता है। नीर आदर्श एफपीओ प्रतिनिधि ने बताया कि किसान भाई चिराग सीड कम्पनी से उच्च गुणवत्ता युक्त बासमती धान का बीज क्रय कर सकते है।
कार्यकम में सतेन्द्र सिंह, ध्यान सिंह व रवि शर्मा जानसठ, राकेश कुमार प्रतिनिधि एग्री फार्म, कुशलवीर, अरविन्द मलिक चरथावल, तैमूर अली बुढ़ाना, विनोद त्यागी शाहपुर, अमित कुमार पुरकाजी, संतराम खतौली, हरेन्द्र कुमार बघरा, सजय सिंह, एवं जगदीप सिंह मोरना सहित अनेक किसान मौजूद रहे।
जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया ने बताया कि विभाग के गोदाम पर बासमती धान पीबी-1847,1692 एवं 1509 उपलब्ध है। कृषक भाई 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज प्राप्त कर सकते है।

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