मुजफ्फरनगर। जिम्मेदारों की अनदेखी व उपेक्षा के चलते नगरपालिका परिषद् में अफसर और कर्मचारी नित नए खेल करने में जुटे हैं। ऐसे हालातों के बीच चेयरपर्सन की आंखों में धूल झोंकते हुए अफसरों ने एक ऐसा खेल खेला, जिसकी पोल खुली तो वित्तीय अनियमितता ने बहुत कुछ बयां कर दिया। नगर पालिका के नव विस्तारित क्षेत्र में आने वाले एक वार्ड में लोगों को व्यायाम के साधन उपलब्ध कराने के लिए करीब एक साल पूर्व पालिका द्वारा ओपन जिम स्थापित कराने का कार्य मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना में स्वीकृत किया गया था। कागजों में पूरी प्रक्रिया करते हुए ठेकेदार फर्म ने भुगतान भी पा लिया, लेकिन धरातल पर कोई ओपन जिम नहीं लगाया। मामला खुला तो पालिका ने रातों रात मिट्टी भराव कराते हुए ओपन जिम मशीनों को स्थापित कराने के लिए कंक्रीट फाउंडेशन तैयार करा दिए गए।

नगर निकायों में नव विस्तारित क्षेत्रों के विकास के लिए योगी सरकार ने मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना शुरू करते हुए विकास कार्यों के लिए अलग से बजट जारी किया था। नगरपालिका परिषद् ने इसी योजना में वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्राप्त धनराशि से 05 मार्च 2024 को पालिका निर्माण विभाग ने नव विस्तारित क्षेत्र में सड़क, नाली निर्माण के साथ ही ओपन जिम की स्थापना के लिए 18 विकास कार्य के टैंडर निकाले थे। इनमें पांच स्थानों वार्ड 21, 22, 35 व गांधी नगर रामप्यारी पार्क और हरिवृन्दावन सिटी दरोगा पार्क पर ओपन जिम लगाने थे। इसमें वार्ड 21 में वार्ड सभासद रजत धीमान के प्रस्ताव पर दक्षिणी रामपुरी में ओपन जिम की स्थापना करने का कार्य भी शामिल था। इसके लिए निर्माण विभाग ने 6,79,810 रुपए का व्ययानुमान बनाया था। इसके बाद 05 मार्च को टैंडर आमंत्रित किये गये, जिनको खोलने का दिन 20 मार्च 2024 तय हुआ था। टैण्डर स्वीकृति के उपरांत पालिका के निर्माण विभाग द्वारा प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए ठेकेदार फर्म के साथ अनुबंध भी कर दिया। इसमें वार्ड 21 में ओपन जिम स्थापित करने के लिए कार्य पूर्ण करने की अवधि एक माह निर्धारित की थी। अब आरोप है कि मार्च 2024 में ओपन जिम लगाने का कार्य केवल कागजों में ही पूर्ण किया गया। इसी बीच इस ओपन जिम के लिए निर्माण विभाग से पत्रावली तैयार कराई, जिसके आधार पर ओपन जिम लगाये बिना पूरा भुगतान जारी करा लिया गया। इसमें बड़े पैमाने पर बंदर बांट की गई। एक सभासद ने प्रकरण में शिकायत में कहा है कि चेयरपर्सन को भ्रमित कर साजिश के तहत भुगतान कराया गया है। शिकायत होने के बाद पालिका की नींद खुली और रातों रात वार्ड 21 में एक ओपन जिम स्थापित करने की कार्यवाही को इतनी तेजी से प्रारम्भ किया गया कि एक रात में मिट्टी भराव कराते हुए वहां पर मशीनों को लगाने के लिए कंक्रीट के फाउंडेशन भी तैयार करा दिये गये।
इन्होंने कहा-
वार्ड सभासद रजत धीमान ने बताया कि वार्ड में स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर परिसर में मंदिर भवन के पीछे के हिस्से में ओपन जिम बनाने के लिए पालिका के निर्माण विभाग ने काम शुरू कराया है। वहां देखा गया तो पालिका ने रातों रात मिट्टी भराव कराकर ओपन जिम की मशीनों के लिए 11 फाउण्डेशन लगा दिये हैं।
ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह का कहना है कि ये प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं है। उनका कहना है कि एई अखंड प्रताप सिंह के पालिका से रिलीव होने के बाद कोई भी भुगतान जारी नहीं किया गया है। यह कार्य भी उनके कार्यकाल में ही हुआ है। कहा कि किसी भी कार्य के लिए यह शर्त अनिवार्य है कि कार्य स्थल की पूर्व की स्थिति और कार्य करने के बाद की स्थिति के जीपीएस फोटोग्राफ पत्रावली में लगाये जायेंगे, इसके बाद परीक्षण होगा और फिर भुगतान किया जायेगा। यदि वार्ड 21 में ओपन जिम लगाये बिना भुगतान हुआ है तो गंभीर वित्तीय अनियमितता है और इसके लिए वो जानकारी करने के बाद ही अब कुछ बता पायेंगी।
पालिका के कार्यवाहक एई कपिल कुमार का कहना है कि मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना में नव विस्तारित क्षेत्र वार्ड 21 दक्षिणी रामपुरी में एक ओपन जिम लगाये जाने का कार्य पास हुआ था। इसके लिए खालसा एक्सपोर्ट मेरठ को टैण्डर स्वीकृत किया गया था। कार्य पूर्ण करने के लिए एक माह का समय दिया गया था, लेकिन दक्षिणी रामपुरी या वार्ड 21 में कोई भी पार्क या सरकारी भूमि नहीं होने के कारण ओपन जिम लगाने में परेशानी हो रही थी। इसके बाद वार्ड सभासद रजत धीमान की सहमति पर ही यह ओपन जिम वार्ड 39 में फ्रैंडस कालोनी के पार्क में स्थापित कराया गया है। आज भी वहां जिम की सभी मशीनें लगी हुई हैं और मशीन स्थापित करने के बाद ही ठेकेदार फर्म को भुगतान किया गया है। इसमें कोई भी वित्तीय अनियमितता नहीं बरती गई है।






