मुजफ्फरनगर। जनपद के मंसूरपुर थाना क्षेत्र के खुब्बापुर गांव स्थित नेहा पब्लिक स्कूल में हुए थप्पड़ प्रकरण में अब सुप्रीम कोर्ट ने बेसिक शिक्षा विभाग को एडवाइजरी जारी करते हुए पीड़ित छात्र के भविष्य को लेकर आदेश जारी किए हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने शिक्षा विभाग को आदेश दिए कि उक्त पीड़ित छात्र का पूर्ण स्कूल खर्च और परिवहन खर्च बेसिक शिक्षा विभाग की पूर्ण जिम्मेदारी होगी। बीएसए ने कोर्ट के जारी आदेश के बाद एनजीओ को जानकारी देकर इस वर्ष की छात्र की ट्यूशन फीस, यूनिफॉर्म, किताबें व स्कूल की पढ़ाई पूरी होने तक परिवहन शुल्क का भी भुगतान करें। जिले में घटित यह मामला 24 अगस्त 2023 का है, तब गांव खुब्बापुर स्थित नेहा पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या तृप्ता त्यागी ने एक छात्र को उसके सहपाठियों से थप्पड़ लगवाए थे। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में छा गया था।
मंसूरपुर थाना क्षेत्र के खुब्बापुर गांव में स्थित नेहा पब्लिक स्कूल में कक्षा एक का एक छात्र प्रधानाचार्या तृप्ता त्यागी को पहाड़ा नहीं सुना पाया तो उन्होंने छात्र को कक्षा के अन्य छात्रों द्वारा थप्पड़ लगवाए। लगवाए गए थप्पड़ का वीडियो किसी के द्वारा बनाया गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो के वायरल होने के बाद मामला देश-विदेशों तक चर्चाओं के केंद्र में पहुंच गया। इस बीच में राष्टÑपिता महात्मा गांधी के पौत्र वरिष्ठ अधिवक्ता तुषार गांधी ने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसके बाद कोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद पीड़ित छात्र की काउंसलिंग के लिए उच्च स्तरीय कमेटी पहुंची। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर छात्र का दाखिला नगर के सीबीएसई बोर्ड के प्रमुख विद्यालय शारदेन स्कूल में कराया गया। छात्र ने बीते दो वर्षों में शारदेन स्कूल से कक्षा दूसरी और तीसरी कक्षा उत्तीर्ण की, जिसके बाद वह अब कक्षा चार में पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में बीते दिवस इस मामले की सुनवाई हुई, इसमें सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि छात्र की पढ़ाई, ड्रैस सहित परिवहन आदि खर्च शिक्षा विभाग ही उठाएगा।
बता दें, बीते दो वर्षों में एक वर्ष शिक्षा विभाग ने छात्र का खर्च वहन किया, लेकिन बीते वर्ष से सईद मुर्तजा समाजसेवी संगठन द्वारा छात्र का खर्च वहन किया जा रहा है, जो भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।
इन्होंने कहा-
मुजफ्फरनगर बीएसए संदीप कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पहले से ही पालन किया जा रहा है। छात्र अब एक प्राइवेट इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ रहा है, जिसका खर्च के रूप में सैय्यद मुर्तजा मैमोरियल ट्रस्ट की ओर से भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छात्र को किताबें, जूते, बैग और स्टेशनरी का सामान उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ गांव से शहर तक आने-जाने का पूर्ण परिवहन खर्च भी दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन सभी भुगतानों की रसीदें कोर्ट में प्रस्तुत की जा रही हैं।






