पंजाब सरकार के विरोध में सड़कों पर उतरे भाकियू कार्यकर्ता

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मुजफ्फरनगर। भाकियू कार्यकर्ताओं ने नगर की सड़कों पर उतर पंजाब सरकार द्वारा आंदोलित किसानों के साथ हुए व्यवहार के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने इस बीच डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम सौंपे ज्ञापन में रोष व्यक्त करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। कलेक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर परिसर में धरना शुरू कर दिया। धरने पर अधिकांश वक्ताओं ने किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन द्वारा राष्ट्रपति के नाम सौंपे शिकायती पत्र में कहा कि बीते करीब 13 महीने से पंजाब में विभिन्न किसान संगठनों द्वारा किसानों की अनेकों मांगों को लेकर शंभू और खनौरी बॉर्डर पर आंदोलन किया जा रहा था, जिसे लेकर पंजाब के किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल द्वारा आमरण अनशन किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि दो दिन पूर्व चंडीगढ़ वार्ता के लिए बुलाए गए किसान नेताओं की गिरफ्तारी कर खनौरी बॉर्डर और शंभू बॉर्डर पर बैठे किसानों को पंजाब सरकार द्वारा पुलिस के माध्यम से उठा दिया गया आंदोलन स्थल को जबरन खाली कर दिया और 100 से भी अधिक किसानों के साथ नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना पर संज्ञान लेते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने पंजाब सरकार के इस कृत्य की निंदा करते हुए जिला मुख्यालय पर राष्ट्रपति के नाम रोष पत्र प्रेषित करने की घोषणा के तहत ही शुक्रवार को भाकियू कार्यालय महावीर चौक से तमाम कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतर कर जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज किया और राष्टÑपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
भाकियू जिलाध्यक्ष चौ. नवीन राठी और मंडल अध्यक्ष सहारनपुर अशोक कुमार के नेतृत्व में डीएम कार्यालय पहुंचे और डीएम की व्यस्तता के चलते कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष चौ. नवीन राठी ने कहा कि जनपद में पूर्व सूचना देने के बाद भी अधिकारियों का देरी से आना दर्शाता है कि तमाम अधिकारी सरकार के इशारे पर किसानों की अनदेखी करने में लगे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि अधिकारी समय से नहीं आते तो हमें भी कोई जल्दी नहीं। हम भी अपने खाने पीने का इंतजाम यहीं कर लेते हैं और अधिकारियों का जब मन करे तब जाकर रोष पत्र ले लें। शक्ति सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा जिस प्रकार किसानों के आंदोलन को कुचलने का कार्य किया, उन्होंने चेताया कि किसानों की आवाज दबने नहीं दी जाएगी। इस दौरान मुख्य रूप से ओमपाल मलिक, जोनल अध्यक्ष विकास शर्मा, अशोक कुमार, गुरमेल बाजवा, अशोक घटायन, प्रमोद अहलावत, कपिल सोम, सत्येंद्र पुंडीर, अनुज बालियान, बिट्टू प्रधान आदि ने भी अपना वक्तव्य रखा। धरने पर मुख्य रूप से श्यामपाल चेयरमैन, नरेश पुंडीर, देव अहलावत, बलराम सिंह, संजीव पंवार, ललित त्यागी, जुबेर त्यागी, संजीव खोखर, इस्तेकार त्यागी, इकराम कुरेशी, मोहब्बत अली, राजू पीनना, गुलशन चौधरी, जितेंद्र बालियान, सुधीर शेरावत, योगेश बालियान, संजय त्यागी, गुलबहार राव, मोनू पंवार, अनुज राठी, मानसिंह मलिक, सुमित चौधरी, हैप्पी बालियान, दिव्यांश चौधरी, चिंटू, मनीष अहलावत, बिट्टू राठी, स. सतनाम हंसपाल, बूटा सिंह, स. बलविंद्र सिंह, गुलाब चौधरी, हर्ष चौधरी, बॉबी राठी आदि के साथ सैकड़ों किसान एवं भाकियू के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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