खुले आसमान के नीचे कोई व्यक्ति सोता मिला तो अधिकारी होंगे जिम्मेदार: एडीएम

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मुजफ्फरनगर। शीत लहर के बीच कोई जनहानि न हो, इसके लिए जिले में अफसरों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। तहसील स्तर पर जहां एसडीएम व तहसीलदार के साथ स्थानीय निकाय के ईओ जरूरत मंदों को राहत पहुंचाने व उन्हें हानि से बचाने के लिये जिम्मेदार होंगे। प्रभारी अधिकारी आपदा व एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेन्द्र कुमार ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आश्रयहीन व्यक्तियों हेतु रैन बसेरों व शेल्टर होम की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। कोई भी व्यक्ति रात में सड़क अथवा फुटपाथ पर सोने के लिए बाध्य न हों तथा रात्रि भ्रमण के दौरान यदि कोई व्यक्ति खुले में सोता हुआ पाया जाता है तो उसे निकटतम रैन बसेर में तत्काल पहुंचाया जाये। इन रैन बसेरों, शेल्टर होम में रूकने वाले कमजोर वर्ग के लोगों को ठंड से बचाने के लिए जरुरी उपाय नि:शुल्क किया जाये तथा रैन बसेरों के पास अलाव जलाने की व्यवस्था की जाये।
एडीएम वित्त गजेन्द्र कुमार ने स्पष्ट किया कि सभी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, बस स्टेशनों, श्रमिकों के कार्य स्थल, बाजारों में अनिवार्य रूप से रैन बसेरों व शेल्टर होम संचालित किये जायें। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका, नगर पंचायत एवं एमडीए आदि विभागों का अपेक्षित सहयोग लिया जाये। रैन बसेरों व शेल्टर होम में जरूरतमंद व्यक्तियों, जिनके पास ठहरने की सुविधा नहीं है तथा विशेष रूप से जो चिकित्सा व रोजगार आदि के लिए बाहर से आये हैं उन्हें खुले में या फुटपाथ एवं सड़कों के डिवाइडर पर न सोना पड़े। उन्होंने बताया कि किसी भी विषम परिस्थिति में कलेक्ट्रेट में स्थापित इमरजेन्सी आॅपरेशन सेन्टर में 24 घण्टे संचालित हेल्पलाईन नम्बर 9412210080 से मदद मिलेगी।

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