मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् में आनंद और राजवंशी हॉस्पिटलों में अनियमितता की शिकायत कर जांच की मांग करने वाले भाजपा सभासद हनी पाल ने अचानक ही अपनी शिकायत वापस ले ली और पीछे हट गये। कर निर्धारण अधिकारी दिनेश यादव ने बताया कि 28 अगस्त को हनी पाल सभासद ने ही शिकायत की और जांच की गई, लेकिन जांच प्रक्रिया के दौरान ही हनी पाल ने 6 दिसम्बर को प्रार्थना पत्र देकर आनंद हॉस्पिटल के खिलाफ अपनी शिकायत वापस लेते हुए जांच में उनके प्रति सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया। सभासद का कहना है कि हॉस्पिटल की ओर से उनको बताया गया कि पार्किंग के लिए प्लॉट लेकर लाइसेंस भी बनवा लिया है। ऐसे में उन्होंने शिकायत वापस ली। आनंद हॉस्पिटल के मालिक डॉ. करन मारवाह का कहना है कि पालिका को सभी जानकारी सही दी गई, शिकायत भी वापस हो गई, अब भी उनको बिना वजह परेशान किया जा रहा है। हम इसमें अपील करेंगे।
डॉ. राजवंशी ने पालिका टीम के खिलाफ की कार्यवाही की मांग
मुजफ्फरनगर। राजवंशी हॉस्पिटल पर कर चोरी के आरोपों को लेकर पालिका के कर निर्धारण अधिकारी द्वारा कराई गई जांच के दौरान हुई सुनवाई में हॉस्पिटल के मालिक डॉ. सुशील राजवंशी ने कम टैक्स लगाने के लिए पालिका के कर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को ही चोर ठहरा दिया है। इस प्रकरण में राजवंशी हॉस्पिटल के मालिक डॉ. सुशील राजवंशी 28 नवम्बर को हुई सुनवाई में खुद पेश हुए। उन्होंने अपने जवाब में कहा कि उनका 15 बेड का पुराना नर्सिंग होम है, इसमें 12 गुणा 40 फिट की पार्किंग मौजूद है, जिसमें एम्बुलेंस खड़ी रहती है। हम नया नर्सिंग होम बना रहे हैं। कहा कि वर्ष 2020 में पालिका कर्मियों द्वारा स्वयं हॉस्पिटल के भवन के लिए कर निर्धारण किया था। इसमें अनियमितता हुई तो यह पालिका कर्मियों का दोष है और वो ही उत्तरादायी हैं। इसलिए हॉस्पिटल पर जुर्माना और आर्थिक दण्ड लगाना उचित नहीं है। कर निर्धारण अधिकारी का कहना है कि कर लगाने के लिए 2020 में भरे गये फार्म पर जो जानकारी भवन सम्बंधी पालिका को उपलब्ध कराई गई, वो डॉ. सुशील राजवंशी ने अपने हस्ताक्षर से दी है। उनके द्वारा स्वःकर निर्धारण कराया गया है। इसमें पालिका कर्मियों ने कर निर्धारण नहीं किया है।






