मुजफ्फरनगर। नगरीय क्षेत्र की बेपटरी सफाई व्यवस्था को सुधारने की खातिर नगरपालिका परिषद् द्वारा डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली एमआईटूसी कंपनी पर छह दिन अपने कार्य में विफल रहने पर हुई हड़ताल के लिए 18 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं कंपनी को नवबंर माह के भुगतान पालिका ने कर तो दिया, लेकिन इसमें 38 लाख रुपये की कटौती की है। वहीं कंपनी द्वारा छह दिन की हड़ताल के लिए प्राइमरी विंग में कार्यरत कर्मियों का वेतन काट लिया। ऐसे मेें रविवार को इन कर्मचारियों ने वाहनों को रोकते हुए प्रदर्शन किया। बाद में पालिका के हस्तक्षेप के बाद छह दिन का वेतन देने पर सहमति बनी तो कर्मी वाहन लेकर वार्डों में कूड़ा उठाने को निकले।
एमआईटूसी कंपनी में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कार्य कर रहे कर्मियों ने रविवार को कंपनी कार्यालय ग्रांड प्लाजा मॉल पहुंच कर हंगामा किया। अपने वाहनों का चक्का जाम करते हुए हड़ताल पर गए कर्मियों की जानकारी मिलने पर ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने एनएसए डॉ. अतुल कुमार को मौके पर भेजा। यहां कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों की वार्ता सुनी गई। घंटों तक हंगामा चलता रहा। कर्मियों ने शिकायत की कि कंपनी ने छह दिन की हड़ताल के उनके वेतन में कटौती कर दी है, जिसे लेकर गतिरोध बनने पर कर्मचारियों ने काम पर जाने से इंकार कर दिया। बाद में कंपनी के एमडी कमलजीत से वार्ता करते हुए कर्मियों का छह दिन का पैसा दिलाने पर सहमति बनी, तब कर्मी काम पर लौटे।
ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि नवम्बर माह के तय भुगतान में कंपनी का 38 लाख रुपये रोका गया है। इन छह दिन की हड़ताल के कारण कंपनी से 18 लाख रुपये की कटौती जुर्माना की गई है, जबकि यूजर चार्ज के रूप में कंपनी द्वारा पालिका को प्रतिमाह दिये जाने वाले 20 लाख रुपये के भुगतान के लिए बिल में से यह राशि बंधक के रूप में रोकी गई है। सितम्बर और अक्टूबर माह में पालिका ने कंपनी भुगतान से 104 करोड़ रुपये की कटौती की, तो नवम्बर माह में भी कंपनी को पूरा भुगतान नहीं किया है।






