मुजफ्फरनगर। बांग्लादेश में हिन्दुओं के कत्लेआम को रोके जाने, देश में विस्फोटक रूप से बढ़ती जा रही मुस्लिम आबादी पर अंकुश, हिन्दू युवाओं को रोजगार या 10 हजार बेरोजगारी भत्ता और वक्फ बोर्ड को भंग कर सनातन हिन्दू बोर्ड स्थापना की मांग को लेकर क्रांति सेना के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व घोषित कार्यक्रम की कड़ी में क्रांति सेना ने नगर में पैदल जन आक्रोश रैली निकाल कर शिवचोक पर शक्ति प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
रविवार को क्रांति सेना अध्यक्ष ललित मोहन शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों क्रांतिवीरों ने हिंदुत्ववादी मुद्दों पर खामोश रूख अपनाने पर सरकार को जमकर घेरा। इस बीच उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं का बर्बर तरीके से कत्लेआम हो रहा है, और केंद्र सरकार चुप्पी साधे हुए है। स्वयं को विश्व गुरू कहने वाली सरकार की ऐसे मामले में चुप रहना निंदनीय है।
टाउनहॉल में सभा संबोधित करते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेंद्र सिरोही ने कहा कि केंद्र सरकार ने सभी सामाजिक मुद्दों को हिंदू- मुस्लिम में फंसा कर रख दिया है। वहीं यह सरकार पूंजीवादियों की सरकार है, जिसमें किसानों के साथ हर वर्ग भी आहत है। राष्ट्रीय महासचिव संजीव शंकर ने कहा कि लोकतांत्रिक मुद्दों के लिए क्रांति सेना लड़ रही है। जिस प्रकार हिंदू जनसंख्या वृद्धि के नियमों को अपने ऊपर लागू कर रहा है, वहीं नियम मुस्लिमों पर भी लागू हो। उन्होंने वायरल हो रही वीडियो में थूकने, पेशाब कर भोजन परोसने की घटनाओं की निंदा करते हुए ऐसे लोगों पर कड़ी कार्यवाही के लिए सख्त कानूनों की पैरवी की। सभा का संचालन मंडल अध्यक्ष शरद कपूर ने किया। इस दौरान मुख्य रूप से शिवसेना जिला अध्यक्ष मुकेश त्यागी, जिला प्रमुख आनंद प्रकाश गोयल, महानगर अध्यक्ष देवेंद्र चौहान, महानगर प्रमुखओमकार पंडित, सहारनपुर अध्यक्ष नीरज रोहिल्ला, सोनू तोमर, शिवकुमार सक्सेना, महिला मोर्चा पश्चिम उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अलका शर्मा, मंडल अध्यक्ष पूनम अग्रवाल, जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी, शालू चौधरी, अंजू त्यागी, पूनम, संजय आर्य, बृजपाल, राजन, संजीव वर्मा, आशीष मिश्रा, नरेंद्र पुंडीर, शैलेंद्र शर्मा, योगेंद्र सैनी, आदित्य, हेम कुमार, ललित, आलोक, अमित, राजेंद्र तायल, अंकुर जैन, प्रदीप जैन, दीपक धीमान, मोहन भगत, दीपा, पूजा, गुड्डी, रूपा, रूबी, सितारी, राधे श्याम, नितिन राणा, मोहनलाल, मनी, बबलू ठाकुर आदि मौजूद रहे।






