मुजफ्फरनगर। मार्ग प्रकाश विभाग में 3 हजार नग 45 एलईडी लाइटों की आपूर्ति हेतु फार्म द्वारा प्राप्त सैंपल के 130 ल्यूमिनर पर वॉट एवं गुणवत्ता की जांच में लोक निर्माण विभाग लखनऊ की जांच रिपोर्ट के बाद ईओ की संतुश्टि पर पालिका चेयरपर्सन ने निविदा को निरस्त करने के साथ मै. एस एस इंटरप्राइजेज फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। इसके साथ ही तत्कालीन मार्ग प्रकाया लिपिक गोपीचन्द वर्मा के विवरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही प्रस्तावित करने के लिए ईओ को निर्देशित किया गया है। पालिका भाजपा सभासद देवेश कौशिक द्वारा की गई शिकायत पर एलईडी लाइट प्रकरण की जांच पूर्ण होने के बाद उक्त जांच रिपोर्ट ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने उक्त टेंडर को निरस्त करने के साथ ही उक्त कम्पनी को ब्लैकलिस्ट करने की संस्तुति करते हुए चेयरपर्सन को पत्र भेजा था।
पालिका के भाजपा सभासद देवेश कौशिक ने पथ प्रकाश में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। जैन पोर्टल पर 3 हजार एलईडी स्ट्रीट लाईट की निविदा आमंत्रित की गई थी। मामले की जांच लखनऊ लोक निर्माण विभाग विद्युत अनुभाग द्वारा की गई, जिसमें उन्होंने अपनी रिपोर्ट पालिका प्रशासन को भेज दी थी, जिसमें काफी गड़बड़ी प्रकाश में आयी थी। वहीं बुढ़ाना एसडीएम न्यायिक व बिजली विभाग के एक्सईएन द्वारा भी मामले की जांच की जा रही थी। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने इस मामले में उक्त टेंडर को निरस्त करने के साथ कम्पनी को ब्लैक लिस्ट करने की संस्तुति करते हुए चेयरपर्सन को रिपोर्ट भेजी थी। सोमवार सायं को पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने उक्त कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के साथ ही टेंडर निरस्त कर दिया है। यही नहीं चेयरपर्सन ने इस मामले में पालिका में तत्कालीन मार्ग प्रकाया लिपिक गोपीचन्द वर्मा के खिलाफ ईओ पालिका को कार्यवाही किए जाने के लिए निर्देश दिए हैं। पालिका प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई से भविष्य में भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी-कर्मचारी और ठेकेदार पर अंकुश लगेगा, पालिका में जीरो टारलेंस अभियान को गति मिलेगी।






