मुजफ्फरनगर। शिवसेना ने मानवाधिकार दिवस को काले दिवस के रूप में मनाते हुए हाथों में काली पट्टी बांधकर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विरुद्ध नारेबाजी की। इससे पूर्व शिवसेना के कार्यकर्ता तहसील मार्किट में स्थित संपर्क कार्यालय पर एकत्र हुए और वहां बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के मानवाधिकार हनन मामले में अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा कोई कार्यवाही न किए जाने पर रोष व्यक्त करते मानवाधिकार दिवस को काले दिवस के रूप में मनाया।
मानवाधिकार दिवस के बीच जारी विरोध के दौरान शिवसेना के मनोज सैनी, लोकेश सैनी व बिट्टू सिखेड़ा ने कहा कि आज पूरा विश्व मानवाधिकार दिवस के रूप में मना रहा है परंतु बांग्लादेश में लाखों हिंदुओं से खुलेआम हो रहे मानवाधिकार हनन में चुप्पी साधे बैठे हैं। उधर, महिलाओं के बलात्कार और कत्लेआम किए जा रहे है परंतु मानवाधिकार आयोग द्वारा कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। जब विश्व के एक हिस्से में मानवाधिकार हनन की घटनाएं हो रही हो तो ऐसी स्थिति में मानवाधिकार दिवस मनाने का कोई औचित्य नहीं है। शिवसेना नेताओं ने कहा कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री ने शांति के लिए दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कार को मजाक बना कर रख दिया है। नोबेल पुरस्कार प्राप्त प्रधानमंत्री के इशारे पर वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं पर तमाम अत्याचार हो रहे हंै ऐसे व्यक्ति से नोबेल पुरस्कार वापस ले लेना चाहिए। इस दौरान मुख्य रूप से प्रमोद अग्रवाल, राजेश कश्यप, हरेंद्र शर्मा, बसंत कश्यप, आशीष शर्मा, हरेन्द्र शर्मा, रविंद्र सैनी, सनी वर्मा, सुनील शेट्टी, रवि दुग्गल, सचिन शर्मा, जितेंद्र गोस्वामी, रुद्र गोस्वामी, मोहित मित्तल, सुशील, गोपाल, शर्मा प्रदीप कश्यप, राजीव बेनीवाल, मोहित कुमार आदि मौजूद रहे।






