मुजफ्फरनगर। एमआईटूसी कंपनी द्वारा एक बार फिर पालिका से रकम हासिल करने के लिए बिना पैसे चैक देकर गुमराह करने का काम किया। पालिका प्रतिमाह कंपनी को 92 लाख रुपये का भुगतान करती है। ऐसे में कंपनी प्रतिमाह पालिका में यूजर चार्ज वसूल कर उक्त पैसा जमा कराना होता है। कर्मियों के वेतन की समस्या बनने पर कंपनी द्वारा पालिका में यूजर चार्ज वसूली के 11 लाख रुपये का चैक दिया, लेकिन उसके खाते में पैसा ही नहीं था, जिस कारण यह चैक बाउंस हो गया। यह मामला बैठक में उठा और ईओ ने नाराजगी जताई। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि कंपनी की ओर से यूजर चार्ज की मद में 11 लाख का चैक दिया था, जिसको खाते में लगाया तो वो बाउंस हो गया। कंपनी की ओर से नगर मजिस्ट्रेट के समक्ष 11 लाख का नया चैक उपलब्ध कराया, लेकिन उसे बैंक भेजकर कंपनी के खाते को चैक कराया तो उसमें मात्र 6 लाख रुपये जमा पाये गये। कंपनी ने भरोसा दिया कि शाम तक पूरा पैसा खाते में आ जायेगा, इसके बाद चैक लगेगा। पालिका ने कंपनी को 32 लाख का चैक दिया है, यह इस शर्त पर भुगतान होगा जबकि कंपनी का 11 लाख का चैक क्लियर हो जायेगा। इससे पूर्व भी कंपनी ने 20 लाख का चैक दिया गया था, जो बाउंस हो गया था।
कंपनी के परियोजना प्रबंधक पुष्पराज सिंह का कहना है कि पालिका की ओर से भुगतान नहीं किया जा रहा है। सितम्बर माह में 50 प्रतिशत भुगतान में कटौती की गई, अब अक्टूबर माह के भुगतान में केवल 32 लाख दिए जा रहे हैं।






