मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। श्रीरामलीला कमेटी नई मंडी इस वर्ष श्रीरामलीला महोत्सव का शताब्दी वर्ष बड़े हर्षोल्लास एवं भव्यता के साथ मनाएगी। सौ वर्ष की गौरवशाली परंपरा पूरी होने के अवसर पर कमेटी द्वारा धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की विशेष श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इसकी जानकारी कमेटी के अध्यक्ष संजय मित्तल ने प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारों को दी।
अध्यक्ष संजय मित्तल ने बताया कि नई मंडी में श्रीरामलीला मंचन की परंपरा को इस वर्ष 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। शताब्दी वर्ष के मुख्य आयोजनों की शुरुआत 30 सितंबर से 6 अक्टूबर तक श्रीरामलीला भवन नई मंडी में संगीतमय श्रीराम कथा से होगी। कथा में श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. उमाकांतानंद सरस्वती जी महाराज अपने श्रीमुख से श्रद्धालुओं को धर्म एवं भगवान श्रीराम के आदर्शों से अवगत कराएंगे।
कमेटी के अनुसार, 21 अक्टूबर को भगवान श्रीराम के राजतिलक के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दिन कलाकारों द्वारा महाराजा अग्रसेन जी की जीवन लीला का मंचन भी किया जाएगा। साथ ही कमेटी की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
संजय मित्तल ने कहा कि शताब्दी वर्ष केवल रामलीला मंचन की सौ वर्ष पुरानी परंपरा का उत्सव नहीं, बल्कि नई मंडी और मुजफ्फरनगर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण अवसर है। शताब्दी वर्ष के आयोजनों को यादगार बनाने के लिए कमेटी द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
प्रेसवार्ता में कमेटी के संरक्षक भीमसेन कंसल, अध्यक्ष संजय मित्तल, मंत्री अशोक गर्ग, कोषाध्यक्ष आदित्य भरतिया सहित बृज गोपाल छारिया, प्रवीण कुमार, राजीव अग्रवाल, उपेंद्र मित्तल, विदित गुप्ता, राजेंद्र सिंघल, अभिषेक कुच्छल, कुलदीप शर्मा, अचिन सागर, विवेक गर्ग, विवेक बंसल आदि मौजूद रहे।







