मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। रोटरी क्लब मुज़फ़्फ़रनगर मिडटाउन के नवीन कार्यकाल का इंस्टॉलेशन समारोह अत्यंत गरिमामय एवं भव्य वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रोटेरियन पायल गोड डीजी-2026-27 तथा विशिष्ट अतिथि डीआरएफसी रोटेरियन सागर शर्मा रहे। दोनों अतिथियों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाते हुए उन्हें सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएँ दीं। समारोह में क्लब के नवनिर्वाचित अध्यक्ष रोटेरियन राजकुमार गुप्ता (एडवोकेट), सचिव रोटेरियन दीपक सिंघल तथा कोषाध्यक्ष रोटेरियन राजीव गुप्ता को पूर्व अध्यक्ष रो सुशोभ बिंदल सचिव गौरव गोयल व कोषाध्यक्ष दीपक सिंघल द्वारा कॉलर ट्रांसफर कर विधिवत अपना पदभार ग्रहण कराया।
अपने संबोधन में अध्यक्ष रोटेरियन राजकुमार गुप्ता ने कहा कि क्लब आगामी वर्ष में सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े अनेक जनहितकारी प्रकल्पों को समर्पित भाव से संचालित करने का तथा क्लब की पहचान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का संकल्प लिया। डीजी रो पायल गौड़ ने अपने अभिभाषण में रोटरी के माध्यम से समाजसेवा करने के लिए प्रोत्साहित किया और मिडटाउन की प्रशंसा करते हुए कहा चाहे सदस्यता हो या सेवा कार्य ये क्लब सदैव अग्रणी रहता है इसका अध्यक्ष होना बहुत गर्व का विषय है। उन्होंने पूरी टीम को शुभकामनाएं दी। डीआरएफसी रो सागर शर्मा ने सीए प्रगति कुमार, भुवनेश गुप्ता व उमेश गोयल को एक हज़ार डॉलर का दान रोटरी फण्ड में देने के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर डॉक्टर अभिषेक अगरवाल, अपूर्व गर्ग एवं सतांशु अग्रवाल को लेबल पिन पहनाकर रोटरी परिवार में शामिल किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उमेश गोयल, रोटेरियन आकाश बंसल, भुवनेश गुप्ता, राजेश मित्तल, प्रशांत गुप्ता, राहुल सिंगल, अभय गुप्ता, सुनील अग्रवाल एवं प्रगति कुमार सहित क्लब के अनेक सदस्य एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। समारोह का संचालन कौशल कृष्ण, विनय सिंगल, विपुल भटनागर द्वारा प्रभावी ढंग से किया गया तथा अंत में सभी अतिथियों एवं सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया। सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न यह कार्यक्रम क्लब के नए कार्यकाल की सफल एवं प्रेरणादायी शुरुआत का प्रतीक बना।

बांकेबिहारी मंदिर में नई व्यवस्था, खाली जेब लेकर आएंगे और जाएंगे सेवायत
मथुरा (रिपोर्टर)। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद श्री बांकेबिहारी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और वित्तीय निगरानी को और सख्त कर दिया गया है। अब मंदिर में प्रवेश से पहले सेवायतों और सुरक्षाकर्मियों को अपनी जेबें खाली करनी होंगी और मंदिर से बाहर निकलते समय भी उनकी जांच की जाएगी।






