बघरा/मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। कृषि विभाग की ओर से कृषि विज्ञान केंद्र बघरा में आयोजित उत्तर प्रदेश के “ग्रो सेफ फूड” अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 06 जुलाई 2026 को कृषि विज्ञान केंद्र, बघरा में एक वृहद किसान जागरूकता एवं तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उप निदेशक (कृषि रक्षा) विकास कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि खेतों में रसायनों का अनसमझा और अनियंत्रित प्रयोग आज हमारे समूचे अस्तित्व के लिए खतरे की घंटी बन चुका है। उन्होंने किसानों को प्रतिबंधित कीटनाशकों का कतई प्रयोग न करने की सख्त सलाह दी और कहा कि हर किसान को प्रतिबंधित दवाओं की सूची की जानकारी होना अनिवार्य है। इसके विकल्प के रूप में उन्होंने लाइट ट्रेप, फेरोमोन ट्रेप और पीले चिपचिपे (स्ट्रिकी) ट्रेप जैसी पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में जिला कृषि रक्षा अधिकारी राहुल तेवतिया ने कीटनाशी विक्रेताओं को आड़े हाथों लेते हुए सख्त हिदायत दी कि वे नियमों के अनुसार ही कीटनाशी दवाओं की बिक्री करें और किसानों को रशीद अनिवार्य रूप से दें। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ विभाग द्वारा सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

तकनीकी सत्र में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियां साझा की गईं: समन्वित कीट प्रबंधन (IPM): कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने समन्वित कीट प्रबंधन (IPM), सोलर लाइट ट्रेप की उपयोगिता तथा गन्ने की फसल में संतुलित खादों के प्रयोग के बारे में विस्तार से समझाया। सुरक्षित कीटनाशी उपयोग व PPE किट: कीटनाशी कंपनी के प्रतिनिधि श्री बृजेश कुमार ने किसानों के समक्ष पीपीई (PPE) किट का लाइव प्रदर्शन किया और सुरक्षित तरीके से कीटनाशकों के उपयोग की विधि बताई।
किचन गार्डन व घरेलू उपाय: कृषि वैज्ञानिक डॉ. सविता ने अपने किचन गार्डन में जहरीले रासायनिक कीटनाशकों के प्रयोग से पूरी तरह बचने की अपील की। उन्होंने उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद उपयोगी घरेलू नुस्खा बताते हुए कहा कि सब्जियों को कीटनाशकों के प्रभाव से मुक्त करने के लिए पकाने से पहले नमक के पानी में 1 से 1.5 घंटा भिगोकर अवश्य रखें। कलर मार्क द्वारा कीटनाशी की पहचान: केंद्र प्रभारी डॉ. हंसराज ने कीटनाशकों के डिब्बों पर लगे कलर मार्क (लाल, पीले, नीले, हरे रंग के त्रिकोण) से ज़हर की तीव्रता को पहचानने की जानकारी दी और खेत में कार्बनिक पदार्थों (Organic Matter) को बढ़ाकर मिट्टी की सेहत सुधारने की सलाह दी। कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने भाग लिया और ‘ग्रो सेफ फूड’ अभियान के नियमों का पालन करने का संकल्प लिया।

गंगा में सिक्के ढूंढने वाले बच्चों के जीवन पर बनी फिल्म एक बहता जीवन हरिद्वार में ने इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में जीता प्रथम पुरूस्कार
हरिद्वार (रिपोर्टर)। हिमाचल प्रदेश के मंडी में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्राची मूवी के बैनर तले गंगा में सिक्के ढूंढने वाले बच्चों के जीवन पर बनी फिल्म एक बहता जीवन हरिद्वार में फिल्म को प्रथम पुरूस्कार प्राप्त हुआ है। बहुत सराहा गया। मनोज शर्मा के लेखन व निर्देशन में बनी फिल्म में हेमंत पांडे,






