मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। अब गर्मी के मौसम में रात को चैन की नींद सोने की हसरत मुश्किल में भी डाल सकती है। वर्तमान में घर-घर में प्रयोग किए जा रहे मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती से सावधान रहिए। कुछ ब्रांड की मच्छर भगाने वाली अगरबत्तियों में हानिकारक रसायन मिलाया जा रहा है। इसके नियमित उपयोग स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। कई नामों से बिक रहीं मच्छर भगाने वाली अगरबत्तियों में प्रतिबंधित हानिकारक रसायन पाए जाने की पुष्टि हुई हैं। इसकी बिक्री की रोकथाम के लिए प्रशासन की ओर से जिले के चारों तहसील क्षेत्रों में अभियान चलाकर कार्रवाई करते की योजना बनाई है। शासन स्तर पर मच्छर भगाने वाली कई अगरबत्तियों की जांच कराने पर डाइमेफ्लुथ्रिन और मेपरफ्लुथ्रिन रसायन पाया गया है। यह दोनों रसायन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने दोनों रसायनयुक्त मच्छर अगरबत्तियों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई है। वहीं चेतावनी दी है कि यदि जनपद में प्रतिबंधित अगरबत्तियों की बिक्री की गई तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी राहुल तेवतिया ने बताया कि मच्छरों को भगाने वाली जिन अगरबत्तियों में डाइमेफ्लुथ्रिन और मेपरफ्लुथ्रिन रसायन है वह स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। उन्होंने बताया कि शासन स्तर से ऐसी अगरबत्तियों की बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया गया है। उन्होंने अगरबत्तियों को आम नागरिको, कीटनाशी प्रतिष्ठानों / पेस्ट कंट्रोल ओपरेटर्स/किराने की दुकान/गोदाम मालिकों को इन उत्पादों के उपयोग, बिक्री एवं भण्डारण रे की अपील की है। उक्त ब्राण्डों की अगरबत्तियों का प्रचार हर्बल, प्राकृतिक और ऑर्गेनिक उत्पादों के रूप में किया जाता है, लेकिन विभिन्न राज्यों की राजकीय प्रयोगशालाओं तथा भारत सरकार की केन्द्रीय प्रयोगशालाओं में कराई जॉच में इनमें डाइमेफ्लुथ्रिन और मेपरफ्लुथ्रिन जैसे अपंजीकृत कीटनाशकों के उपयोग की जानकारी सामने आई है। इन रसायनों का लगातार सम्पर्क मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। जैसे फेफडों, मस्तिष्क, किडनी, पेट और हृदय से सम्बन्धित गंभीर सवास्थ्य समस्याओं की आशंका बढ़ सकती है। उन्होंने अपील की है कि इन ब्राण्डों की अगरबत्तियों का प्रयोग न करें। सभी कीटनाशी प्रतिष्ठानों/पेस्ट कंट्रोल ऑपरेटर्स / किराने की दुकान / गोदाम मालिकों एवं कीटनाशक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे इन उत्पादों का क्रय-विक्रय विभागीय निरीक्षण के दौरान उक्त ब्राण्ड की अगरबत्ती अगर पायी जाती है तो सम्बन्धित के विरूद्ध जो कीटनाशी अधि 1968 एंव नियमावली 1971 के अन्तर्गत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

बीएजेएमसी द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में श्रीराम कॉलेज ऑटोनोमस का शानदार प्रदर्शन
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। श्रीराम कॉलेज ऑटोनोमस मुजफ्फरनगर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के स्नातक पाठ्यक्रम बी.ए.जे.एम.सी. द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए महाविद्यालय का गौरव बढ़ाया। घोषित परिणाम के अनुसार अर्नव त्यागी ने 452 अंक (90.4 प्रतिशत) प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। सुंबुल सिद्दीकी ने 448 अंक (89.6 प्रतिशत)






