मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। राज्य कर विभाग सचल दल इकाई खतौली ने कर चोरी के खिलाफ अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल की है। विभाग ने माल परिवहन में अनियमितता पाए जाने पर एक वाहन से 17.06 लाख की धनराशि जुर्माने के साथ सरकारी खजाने में जमा कराई है। 15 दिन के भीतर इस कार्रवाई को पूर्ण किया गया है। पूर्ण धनराशि जमा होने के बाद वाहन को स्टेट जीएसटी विभाग ने रिलीज कर दिया है।
स्टेट जीएसटी विभाग की खतौली सचल दल इकाई के सहायक आयुक्त नितिन कुमार वाजपेई को सूचना के मिली थी कि लेड इंगट से भरे एक वाहन का परिवहन मुजफ्फरनगर के रास्ते हो रहा है, जिसमें टैक्स की अनियमितताए हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए सहायक आयुक्त नितिन कुमार बाजपेई ने विभाग के संयुक्त आयुक्त सिद्धेश चंद्र दीक्षित को जानकारी दी, जिसके बाद सहायक आयुक्त ने टीम के साथ विभागीय पोर्टल और आधुनिक तकनीकी संसाधनों की मदद से वाहन की लाइव लोकेशन ट्रेस करना शुरू किया। टीम ने मुजफ्फरनगर सीमा पर करीब आठ घंटे की मेहनत के बाद वाहन की घेराबंदी की। जैसे ही संदिग्ध वाहन ने मुजफ्फरनगर की सीमा में प्रवेश किया, पहले से मुस्तैद टीम ने पुलिस की मदद से वाहन रूकवा लिया। वाहन को जीएसटी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत निरुद्ध कर जब जांच आगे बढ़ाई गई, तो नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया गया। विभाग द्वारा संबंधित व्यापारी को नोटिस जारी किए, जिसके बाद व्यापारी ने एक जून को कैश लेजर के माध्यम से 17.06 लाख की भारी-भरकम पेनाल्टी जमा की, जिसके बाद ही वाहन को अवमुक्त किया गया। इस सफल अभियान में राज्य कर अधिकारी संतोष कुमार वर्मा, वाहन चालक गांधी और पुलिसकर्मी विनीत ने मुख्य भूमिका निभाई। संयुक्त आयुक्त शिद्धेश चंद्र दीक्षित ने बताया कि टीम की यह सफलता बड़ी है। खतौली यूनिट ने पहले भी कॉपर लदे एक वाहन से 80.71 लाख की रिकॉर्ड पेनाल्टी वसूल की थी।

मुख्यमंत्री के निर्देशन में जनपद में चलाया गया अतिक्रमण हटाओ अभियान
हरिद्वार (रिपोर्टर)। सरकारी भूमि पर किसी भी दशा में कोई अतिक्रमण न हो इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा सख्त निर्देश दिए गए है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में नगर निगम क्षेत्रांतर्गत एवं तहसील क्षेत्रांतर्गत सरकारी भूमि, सड़क एवं नालियों के ऊपर किए गए अतिक्रमण को हटाया






