मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। मुजफ्फरनगर पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन सवेरा–नशे के अंधकार से जीवन के उजाले की ओर” अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। थाना खालापार पुलिस ने नशीली दवाइयों की तस्करी में शामिल एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करीब 1 करोड़ रुपये मूल्य की प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल भी बरामद की हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के अनुसार, 19 मई को थाना खालापार क्षेत्र में गहरा बाग मार्ग पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग के दौरान एक हुंडई एक्सटर कार को रोका गया। तलाशी लेने पर कार में रखे दो गत्ते के कार्टूनों से भारी मात्रा में नशीले कैप्सूल बरामद हुए। पुलिस पूछताछ में कार सवार अश्वनी शर्मा और विनोद कुमार ने स्वीकार किया कि बरामद कैप्सूल “स्पासमोर” कंपनी के प्रतिबंधित नशीले पदार्थ हैं, जिनका अवैध रूप से नशे के तौर पर उपयोग किया जाता है। उन्होंने बताया कि पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी अश्वनी शर्मा पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में वांछित था। आगे की पूछताछ के आधार पर पुलिस ने सुजडू गांव के पास स्थित एक खंडहरनुमा गोदाम पर छापा मारा, जहां से 52 अतिरिक्त कार्टून नशीले कैप्सूल बरामद किए गए। मौके से एक अन्य आरोपी यशपाल ग्रोवर को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह फर्जी फर्मों के माध्यम से गोरखपुर से ट्रांसपोर्ट के जरिए प्रतिबंधित दवाइयां मंगवाकर उनकी अवैध बिक्री कर रहा था। शुरुआती अनुमान के मुताबिक आरोपी इस अवैध कारोबार से अब तक 4 से 5 करोड़ रुपये तक की कमाई कर चुके हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने बताया कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है और इसके अन्य लिंक की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि सफल कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस की उक्त कार्रवाई से जनपद में अवैध रूप से नशीली दावों का कारोबार करने वाले कारोबारी में हड़कंप मच गया है।

शोध एवं रिसर्च में भारतीय दृष्टिकोण” विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। डीएवी डिग्री कॉलेज सभागार में महाविद्यालय व प्रज्ञा प्रवाह मेरठ प्रांत की इकाई भारतीय प्रज्ञान परिषद के संयुक्त तत्वावधान में शोध में भारतीय दृष्टिकोण विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें शोध कराने वाले शिक्षकों, रिसर्चर स्कॉलर के साथ समाज के प्रबुद्ध वर्ग ने भाग लिया। कार्यक्रम चयनित नागरिकों की सहभागिता






