मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। पालिका प्रशासन की ओर से सुजडू चौराहे से राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ को हटाए जाने के विरोध में स्थानीय जनता व कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश व्याप्त होने लगा है। सोमवार को सम्राट अशोक स्तंभ पुन: निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले दर्जनों कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंच मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। समिति ने चेतावनी दी कि यदि अशोक स्तंभ को उसी स्थान पर जल्द वापस नहीं लगाया गया, तो इसे राष्ट्रीय अस्मिता का अपमान मानकर कानूनी और जमीनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
डीएम कार्यालय पर पहुंचे समिति से जुड़े सोनू सैनी ने पालिका प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना अनुमति के राष्ट्रीय प्रतीक को हटाना असंवैधानिक है और राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द स्तंभ पुन: स्थापित नहीं किया गया, तो इस मुद्दे पर समिति न्यायालय से देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास करेगी। उन्होंने बताया कि नगर पालिका ने चौराहे के सौंदर्यीकरण का बहाना बना कर स्तंभ अस्थायी रूप से हटाया था। उस वक्त अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि जल्द ही नए स्वरूप में स्तंभ वहीं स्थापित किया जाएगा, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद कोई कार्य शुरू नहीं हुआ, जिससे जनता की भावनाएं आहत हैं। उक्त ज्ञापन में समिति ने प्रशासन से मांग की कि अशोक स्तंभ को पूरे राजकीय सम्मान के साथ फिर से सुजडू चौराहे पर वापस लगाया जाए। इसके साथ ही लापरवाही या मनमानी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो जनपद के विभिन्न संगठन मिलकर बड़ा जन-आंदोलन करेंगे। जिलाधिकारी ने मामले में नगर पालिका से रिपोर्ट तलब की है। हालांकि, अभी तक स्तंभ की वापसी को लेकर कोई आधिकारिक समय-सीमा तय नहीं की गई है।

राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन में सौंपा डीएम को ज्ञापन
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। राष्ट्रीय हिन्दू शक्ति संगठन द्वारा जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को संजय अरोड़ा राष्ट्रीय संयोजक के नेतृत्व में एक ज्ञापन सौंपा गया। उक्त ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने मुजफ्फरनगर में मोहर्रम के जलूस को लेकर व रुड़की रोड पर एक अवैध मजार को हटाने की मांग की। इस अवसर पर संजय अरोड़ा ने कहा






