जीएसटी सुधार के साथ अन्य मुद्दों पर उपेक्षा के लगाए आरोप, सुधार की मांग
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। मंडी समिति सभागार में समिति सभापति, नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर, मंड़ी सचिव विरेन्द्र चन्देल, जीएसटी आयुक्त प्रशासन शोभित श्रीवास्तव एवं प्रतिभा सिंह एसी सेक्टर-1 के साथ दी गुड़ खांडसारी एंड ग्रेन मर्चेन्ट्स एसोसिएशन के तमाम पदाधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय मित्तल मंडी से व्यापारियों से जुड़ी समस्याओं को अफसरों के समक्ष रखते हुए निदान की मांग की।
बैठक में अध्यक्ष संजय मित्तल ने जीएसटी विभाग से सम्बन्धित समस्याएं रखते हु ए मंडी समिति नवीन मंड़ी स्थल के व्यापारियों से किराये में 2017 से जीएसटी वसूली किए जाने के साथ इसमें व्यापारियों को आईटीसी का लाभ दिए जाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मंड़ी समिति ने निदेशक के पोर्टल पर चढ़ाने के आदेश की अवहेलना की थी। मामले में मंडी सचिव ने बताया कि जिन व्यापारियों का जीएसटी नम्बर सही मिलेगा उन्हें आईटीसी का लाभ दिया जायेगा। पूर्व में भी कई व्यापारियों के जीएसटी के नम्बर गलत आ गये थे।
यदि किसी बिल पर व्यापारी द्वारा गलत गाड़ी नंबर या दिनांक डाल दिया जाता है और वो गाड़ी पकड़ी जाती है तो जीएसटी के अधिकारी द्वारा बिल पर जितना टैक्स लगा होता हैै उतना ही जमा कराकर माल छुड़ा लिया जाता है, जबकि जीएसटी में प्रावधान है कि इस प्रकार की गलती पर 2000/- रुपए जुर्माना लगाकर माल छोड़ा जा सकता है। इस पर जीएसटी आयुक्त ने कहा कि ऐसे आदेश सभी अधिकारियों को पहले किये जा चुके है एवं पुन: कर दिये जायेंगे। इसके अलावा मंडी समिति से सम्बन्धित खाद्य तेलों पर लगने वाले यूजर चार्ज को मुख्यमंत्री ने 170वीं बैठक में कुछ शर्तों के साथ खत्म कर दिया था लेकिन लिखा-पढ़ी करने के बाद भी उसका आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। जिस पर तय किया गया कि उक्त पत्र को डीएम के पत्र के साथ में जल्द लखनऊ भेजा जायेगा। मंडी समिति से ही सम्बन्धित अनाज मंडी के फड़ों का निर्माण कराने के लिए अनेकों बार मंडी समिति को व डीडीसी को पत्र लिखा जा चुका है मगर अभी तक फड़ों का निर्माण नहीं हुआ है। इस पर मंडी सभापति ने डीडीसी मंडी सहारनपुर से फोन पर वार्ता की। डीडीसी ने सभापति को बताया कि फड़ों का एस्टीमेट बन चुका है जल्द ही फड़ों का निर्माण करा दिया जायेगा। बैठक में हरिशंकर तायल, मनमोहन मूंधड़ा, सुरेन्द्र बंसल, श्यामसिंह सैनी, नितिन संगल, अनुज सिंघल, नितिन सिंघल, विवेक गर्ग, सत्य प्रकाश, अंकित गर्ग आदि व्यापारी उपस्थित रहे।






