मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। पालिका में निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं। नगर क्षेत्र में सड़कों और नालों समेत 218 निर्माण कार्यों के लिए आमंत्रित निविदाओं की जांच में ठेकेदार फर्मों द्वारा लगाए गए दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आने की चर्चाएं तेज हैं। इसको लेकर भाजपा खेमे के सभासदों ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूरी टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कराते हुए फिर निविदा आमंत्रित करने की मांग की है।
नगरीय क्षेत्र में प्रस्तावित 218 निर्माण कार्यों के लिए पालिका में चल रही निविदा प्रक्रिया पर फिर ग्रहण लगता दिख रहा है। इन निर्माण कार्यों में पालिका के निर्माण विभाग में प्राप्त निविदाओं की तकनीकी जांच में ठेकेदार फर्मों द्वारा प्रस्तुत किए दस्तावेजों में गड़बड़ी होने की बात सामने आ रही है। आरोप है कि कई ठेकेदारों के अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी हैं, जिसमें पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। मामले को लेकर पालिका के कई सभासदों ने ईओ को पत्र लिखते हुए इन सभी निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया निरस्त करने तथा पुन: निविदा आमंत्रित करने की मांग की है। साथ ही, गलत और फर्जी दस्तावेज लगाने वाले ठेकेदार व फर्मों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
पालिका वार्ड 19 से सभासद भाजपा नेता योगेश मित्तल ने ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह को भेजे पत्र में निर्माण विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि 12 जनवरी तथा 27 जनवरी को कुल 218 निर्माण कार्यों में अधिकांश कार्य सड़क और नाला निर्माण से संबंधित हैं, के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए थे। इन निविदाओं की तकनीकी जांच में बड़ी संख्या में ठेकेदार फर्मों द्वारा प्रस्तुत अनुभव प्रमाण-पत्र फर्जी पाने की जानकारी सामने आई हैै। सभासद योगेश मित्तल ने पत्र में उल्लेख किया कि इससे पूर्व फर्जी एफडीआर लगाए जाने का मामला उजागर हुआ था, लेकिन उस प्रकरण में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब एक बार फिर अनुभव प्रमाण पत्रों के फर्जी होने की बात सामने आना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर इन दोषी ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट किया जाए व उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सभासद के अनुसार, 21 जनवरी को 113 और 27 जनवरी को 103 निर्माण कार्यों की निविदाएं निर्माण विभाग को प्राप्त हुई थीं। इनकी तकनीकी जांच में बड़ी संख्या में अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं, जो एक संगठित आपराधिक साजिश की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ ही कानूनी कार्यवाही होना जरुरी है, ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके। इस शिकायती पत्र पर वार्ड सभासद राजीव शर्मा, मनोज वर्मा, रजत धीमान व सीमा जैन के हस्ताक्षर हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि यह मुद्दा मात्र एक सभासद का नहीं, बल्कि पूरे शहर की चिंता का विषय बन चुका है।
इन्होंने कहा-
ईओ पालिका डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि शहरी क्षेत्र में बोर्ड द्वारा पारित सड़क, नाला व अन्य निर्माण कार्यों को पूर्ण कराने के उद्देश्य से निविदाएं आमंत्रित की गई थी। दो तिथियों में कुल 218 निर्माण कार्यांे की निविदाएं प्राप्त हुई हैं, जिनकी तकनीकी जांच प्रक्रिया अभी जारी है। सभासदों द्वारा की गई शिकायत के संबंध में संबंधित विभाग से रिपोर्ट मांगी जाएगी और यदि जांच में गंभीर अनियमितताएं पाई जाती हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।






