हद! बिना सरिया डाले ही सूजडू में ठेकेदार ने बना दिया 30 मीटर नाला

Share :

मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। पालिका क्षेत्र के सुजड़ू रोड स्थित वार्ड 3 में नगरपालिका द्वारा कराए जा रहे आरसीसी के नाला निर्माण कार्य में ठेकेदार की मनमानी व गंभीर लापरवाही के साथ मानकों एवं शर्तों का उल्लघ्ांन कर बरती अनियमितता का बड़ा मामला प्रकाश में आया है। उक्त मामले के क्षेत्रवासियों की मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगर पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने बीती रात्रि पूरे लाव लश्कर के साथ में छापामार निरीक्षण किया। इस दौरान यहां हुई तकनीकी जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने निर्माण विभाग की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
जी हां, यही है जिम्मेदारों की मिलीभगत व उदासीनता का भीतरी सच। गुरूवार देर रात जब चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप टीम के साथ मौके पर पहुंचीं तो लोगों ने उन्हें यहां नाला निर्माण में बरती अनियमितता की शिकायत की। चेयरपर्सन ने मजदूर लगाकर यहां निर्माण सामग्री को खुदवाया और तैयार नाले की दीवारों को जेसीबी से उखड़वाकर तकनीकी जांच कराई, इसमें पाया गया कि ठेकेदार ने करीब 30 मीटर लंबाई तक नाले की बनाई गई आरसीसी की दीवारों में सरिया ही नहीं डाला था। वहीं जहां लाल रोडी डाल कर बिस्तर तैयार होना चाहिए था, वहां सीधे मिट्टी पर आरसीसी डालकर नाला तैयार कराने की कोशिश की जा रही थी। निर्माण सामग्री भी अत्यंत निम्न गुणवत्ता की पाई गई। चेयरपर्सन द्वारा मौके पर ही बुलाए इंजीनियरों की टीम ने तकनीकी जांच की गई, जिसमें आरसीसी संरचना में मानकों के अनुरूप सरिया का न होना और सामग्री में गुणवत्ता असंतोषजनक पाई गई। गंभीर अनियमितताओं के सामने आने पर चेयरपर्सन ने मौके पर ही ठेकेदार फर्म मै. संजय कुमार कॉन्ट्रैक्टर के प्रोपराइटर संजय कुमार साकेत कॉलोनी को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह को मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इतना ही नहीं, चेयरपर्सन ने निर्माण विभाग के एई और जेई की लापरवाही पर कठोर रुख अपनाते हुए नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।

इन्होंने कहा-
चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने बताया कि नाला निर्माण में गंभीर अनियमितता मिली हैं। ठेकेदार का भुगतान रोकने, विस्तृत जांच कराने के साथ ठेकेदार फर्म द्वारा नगर के विभिन्न स्थानों पर कराए अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी संदेह जताया गया। लोक निर्माण विभाग एक्सईएन को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि ठेकेदार फर्म द्वारा कराए सभी संबंधित कार्यों की जांच विभाग के एई से कराई जाए।

उधर, ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि नाला निर्माण कार्य 15वें वित्त आयोग अंतर्गत प्राप्त निधि से खालापार-सूजडू सम्पर्क मार्ग पर हीरा डेरी से जायका फास्ट फूड तक कराया जा रहा है। ठेकेदार को 22 नवंबर को छह माह की समयावधि के साथ गुणवत्ता-परक निर्माण का आदेश दिया गया था, परंतु मौके पर सभी मानकों की धज्जियां उड़ाई गईं। एई व जेई द्वारा मौके पर निरीक्षण न करना, निर्माण गुणवत्ता की जांच न करना और पालिकाध्यक्ष के निर्देशों की अनदेखी करना लापरवाही मानी जा रही है। इसे लेकर चेयरपर्सन के दिशा निर्देश के तहत कार्यवाही कराई जा रही है। वर्तमान में पालिका के निर्माण विभाग द्वारा कराये नाला निर्माण की तकनीकी जांच कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए एई लोक निर्माण विभाग कामेश्वर सिंह से जांच कराई जायेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
Cricket Score
Share Market
Gold Silver Price
Rashifal