मुजफ्फरनगर। उत्तर भारत के सबसे बड़े धार्मिक कांवड़ यात्रा मेला करीब 15 दिनों की लंबी भागमभाग एवं वन वे यातायात व्यवस्था की जारी बंदिशों से मुक्त होने के साथ राहत की सांस लेता दिखाई दिया। इस ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा के जिले में निर्विघ्न एवं शांतिपूर्ण संपन्न होने के साथ शिवरात्रि पर जलाभिषेक के बाद जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। वहीं बुधवार सायं से पूर्व में किए गए रूट डायवर्जन एवं हाईवे से नगर में सड़कों पर बने वनवे को फिर से खोले जाने के बाद नगर क्षेत्र के मुख्य बाजारों में जनजीवन सामान्य होने के साथ कारोबार पटरी पर लौट आया। इसके साथ सुबह से स्कूलों में जाने को बच्चों की गाड़ियों व ई-रिक्शाओं के होर्न की आवाज के साथ कूकर की सिट्टी ने नई उम्मीदों व हौंसलों को नई ऊड़ान भरने का काम किया।
नगरीय क्षेत्र में पटरी पर लौटे कामकाज के बीच ऐसे में जहां एक ओर मुख्य बाजारों में पूर्व से जारी बैरिकेडिंग हट जाने के बाद बाजार गुलजार होने के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में कामकाज भी फिर से शुरू हो गया। वहीं दिल्ली-देहरादून हाईवे, दिल्ली-सहारनपुर हाईवे सहित शहर के मुख्य मार्गों पर वाहनों की भागमभाग शुरू हो गई। गुरूवार सुबह बाजारों में लौटी रौनक के बाद अधिकांश सड़कों पर एकाएक ई-रिक् शाओं की उतरी फौज ने पूरे शहर को जाम के जाम से जकड़ लिया। ऐसे में जिला अस्पताल तिराहा, नावल्टी चौक, शिवचौक और अंसारी रोड समेत महावीर चौक आदि सड़कों पर घंटों तक तमाम वाहनों को रेंगने को विवश कर दिया। जाम के झाम के बीच इस दौरान छोटे बच्चों के साथ बीमार एवं महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। कहना गलत न होगा कि शहरी क्षेत्र में लाखों कांवड़ियों के नगर के बीच से गुजरते वक्त भी ऐसी जाम की स्थिति शहर में दिखाई नहीं दी, जैसी गुरूवार दोपहर को शहर की हर सड़क, चौहारों और बाजारों के साथ गली-मौहल्लों में इन ई-रिक् शाओं के कारण पूरा शहर जाम की चपेट में जकड़ा हुआ दिखाई दिया, जिससे लोग कर्राह उठे। घंटों की मशक्कत के बाद किसी तरह से इस जाम से लोगों को निकलने में राहत मिल सकी। बोल-बम, बम-बम के जारी जयघोषों के बीच बुधवार को जिले में कांवड़ यात्रा का शोर थम गया। इस बीच मुख्यालय से हाईवे की सड़कों तक दिनभर वाहनों के दौड़ने के जारी क्रम के बीच बाजारों में करीब 15 दिन बाद बैरिकेडिंग हटने के साथ एक ओर से दूसरी ओर नगर क्षेत्र में लोगों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। इसके साथ स्कूल-कॉलेजों में फिर से रौनक लौटने के साथ घरों से स्कूलों तक छोटे बच्चों की इस बीच किलकारी ने दो सप्ताह तक पसरे सन्नाटे को तोड़ने का काम किया।

e-paper 16/06/2026 Muzaffarnagar
Author: Friends Reporter Team Post Views: 23






