मुजफ्फरनगर। किसानों से जुड़ी समस्याओं के एक मंच पर निदान कराने की दिशा में योगी सरकार की शुरू महत्वाकांक्षी प्रक्रिया कुछेक जिम्मेदार अधिकारियों की उपेक्षा एवं किसान दिवस समस्याओं के निदान का मंच होने के बजाए हो रहे राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के बने अखाड़े पर रोक लगाने के साथ विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा का साक्षी बना। लंबे समय बाद जिला पंचायत सभागार में आयोजित किसान दिवस में जिले के आला अधिकारियों के साथ किसान नेताओं के द्वारा उठाए मुद्दों पर साफ विचार मंथन किया गया, साथ ही किसान दिवसों में सक्षम अधिकारियों की उपस्थिति तय किए जाने पर जोर दिया।
जिला पंचायत सभागार में संपन्न किसान दिवस में जनपद में खाद की किल्लत, नकली दवाई, गन्ना भुगतान, बिजली व्यवस्था और चकबंदी जैसी समस्याओं को लेकर किसान नेता नाराज दिखाई दिए। वहीं किसान दिवस के नाम पर हो रही राजनीति को रोके जाने के लिए जरुरी पहल किए जाने पर जोर दिया। किसान दिवस में भाकियू अराजनीतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक ने कहा कि कृषि विभाग की ओर से खाद की किल्लत पैदा की जा रही है। इसके चलते जहां एक ओर समितियों पर खाद के लिए मारामारी एवं लाइन लगी हुई है और पुलिस तैनात की जा रहा है, वहीं दूसरी ओर तमाम प्राइवेट दुकानों पर किसानों को खाद बड़े आराम से मिल रहा है। उन्होंने कहा कि किसान आज बिजली, कृषि और बैंक आदि से जुड़ी तमाम समस्याओं से काफी परेशान हैं। किसान नेता धर्मेन्द्र मलिक ने कहा कि जिले में अब किसान संगठनों की संख्या बढ़ती जा रही है, जो राजनीति का अखाड़ा बने हुए है। पूर्व में किसान दिवसों में किसानों के बीच टकराव की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने अपना सुझाव रखते हुए कहा कि किसान दिवस में प्रत्येक संगठन से पांच-पांच लोगों को बुलाया जाए, या फिर हर संगठन को अपनी बात रखने के लिए कुछ समय दिया जाए।
किसान दिवस में अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर करीब आधे घंटे तक कार्रवाई को शुरू नहीं होने दिया गया। इस बीच किसान दिवस में एडीएम प्रशासन संजय कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया, गन्ना अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जितेन्द्र कुमार, अधीक्षण अभियंता संजय शर्मा के आने के बाद कार्रवाई शुरू की गई। इस बीच किसान राजीव ने बुढ़ाना बजाज शुगर मिल से भुगतान नहीं होने और समितियों से खाद पर ब्याज वसूले जाने के साथ ही भुगतान न करने वाले शुगर मिल की आरसी जारी कराने की मांग की। पिन्ना निवासी किसान सुमित मलिक ने कहा कि जिले में प्रदूषण विभाग की अनदेखी से लोग कैंसर पीडित हो रहे है, वहीं रात्रि में फैक्ट्रियों में पन्नी आदि जलाई जा रही है। इन मामलों में प्रतिबंध लगाए जाने की जरुरत है। पश्चिम उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष दीपक सोम ने कहा कि योगी सरकार ने किसानों की सुविधा देने के लिए सिंचाई के लिए बिजली मुफ्त की है, लेकिन सरकारी नलकूप बंद पड़े हुए है। जनपद के किसी राजवाहे में पानी नहीं है। खतौली में गंग नहर पर काली नदी में पानी भेजने के लिए डैम बनाया गया था, जो काफी प्रयासों के बाद बना। अब पानी भेजने के नाम पर पैसे लिए जा रहे हैं। वहीं बिजली का लोड व बिल बढ़ा है जिस कारण किसान परेशान है। इस दौरान किसान नेता ओमदत्त, दीपक, राजबल, प्रवीण, अमित, रामधन, राजेन्द्र, सुरेश, राजीव कुमार, सुमित मलिक, सुनील, राजकुमार, सुमेर सिंह, राजवीर आदि किसान मौजूद रहे।







