मुजफ्फरनगर। आईजीएल द्वारा गैस पाइप लाइन बिछाए जाने के नाम पर सड़कों को खोदकर किए गड्ढों को लेकर नगर पालिका में बड़ा झोल सामने आया है। सभासद राजीव शर्मा, मनोज वर्मा, नौशाद खां, नवीन गुप्ता, प्रशांत गौतम एवं देवेश कौशिक आदि ने निर्माण विभाग के लाए प्रस्ताव 494 का विरोध करते हुए धांधली के आरोप लगाए हैं। नौशाद खां ने बताया कि योगेन्द्रपुरी में पूर्व में ठेका छोड़ कर पूर्व में ही कार्य कराया जा चुका है, फिर भी वहां का कार्य शामिल किया है। रजत ने कहा कि उनके वार्ड में 39 लाख रुपये से पूर्व में आईजीएल के गड्ढे भरवाने का काम पूरा हो चुका है, पर इस बार भी शामिल कर दिया गया है। नवनीत ने बताया कि सड़क बन चुकी है लेकिन वहां के गड्ढों को शामिल कर ठेका छोड़ा जा रहा है, इसमें मिलीभगत के तहत धांधली होने के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की।
कार्यवाहक एई कपिल कुमार ने बताया कि आईजीएल द्वारा जो सूची उपलब्ध कराई गई है, उसके अनुसार टैंडर निकाले गये। चेयरपर्सन ने प्रकरण में जांच के लिए आदेश दिये तो ईओ प्रज्ञा सिंह ने निर्माण विभाग से संबंधित स्थलों का भौतिक सत्यापन करने के लिए सर्वे कराने के निर्देश दिये हैं। इस सम्बंध में दो दिन में रिपोर्ट मांगी गई है।

मुजफ्फरनगर में पेस्टिसाइड विनिर्माता इकाइयों पर छापेमारी, 12 नमूने लिए, मचा हड़कंप
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद में किसानों को गुणवत्तायुक्त कीटनाशक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को भारत सरकार और राज्य कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने जनपद में स्थापित पेस्टिसाइड विनिर्माता इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने पांच उत्पादन इकाइयों की जांच करते हुए कीटनाशकों के कुल 12 नमूने लिए, जिन्हें जांच के






