कागजातों के मिलान में मिली बड़ी गड़बड़ी, जांच हुई शुरू
जांच पड़ताल के बाद लगेगा फैक्ट्री पर आर्थिक जुर्माना
मुजफ्फरनगर। जनपद में जीएसटी विभाग की जारी छापेमारी के बीच सिखेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत धन्धेडा स्थित एमएसक्यू स्टील प्राइवेट लिमिटेड फर्म पर स्टेट जीएसटी विभाग की टीम ने छापेमारी की। इस बीच टीम को वहां अलग-अलग स्थानों के ई-वे बिलों पर जारी वाहन इकाई में अनलोड होते मिले। फैक्ट्री में फर्जी बिलों के आधार पर इधर से उधर दौड़ती ऐसी तमाम गाड़ियों को जीएसटी विभाग की टीम ने थाने में खड़ा कराने के साथ ही प्रथम दृष्टया उक्त इकाई में 279.38 लाख रुपये का माल अपनी निगरानी में जब्त कराते हुए उसकी खरीद और बिक्री पर रोक अगले आदेश तक रोक लगा दी। लगातार दो दिनों तक जारी छापेमारी से जिले के अन्य कारोबारियों में हड़कंप सा मचा रहा।
बीते मंगलवार स्टेट जीएसटी विभाग की एसआईबी विंग के ज्वाइंट कमिश्नर सिद्धेश दीक्षित के निर्देशन पर उपायुक्त मनोज कुमार शुक्ल के नेतृत्व में राज्य जीएसटी विभाग की टीम ने जिले के सिखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम धंधेड़ा में संचालित एमएसक्यू स्टील प्राइवेट फर्म में पहुंची, जो मुख्य रूप से इंगट निर्माण आदि का कार्य कर रही है। विभागीय टीम ने यहां जांच के दौरान फैक्ट्री से दो वाहन अनलोड़ होते मिले, जिसमें एक वाहन का ई-वे बिल पूणे बिहार से देहरादून के लिए काटा गया था, जबकि उक्त माल एमएसक्यू फर्म पर उतारा गया था। इसके अलावा दूसरे वाहन का ई-वे बिल अंबाला पंजाब से नेपाल के लिए जारी किया गया और वह माल भी फैक्ट्री में उतारा गया। बिलों में गड़बड़ियों के आधार पर दोनों वाहनों को जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने सिखेड़ा थाने में जब्त करते हुए खड़े कराए गए। इसके बाद फर्म की विस्तृत जांच किए जाने पर विभागीय अधिकारियों को इसके माल और दस्तावेजों में भी भारी गड़बड़ी सामने आयी। टीम को इसके ंअतिरिक्त माल के भौतिक सत्यापन पर एमएस इंगट घोषणा से अधिक और सिलिको मैगनीज एवं स्पंज आयरन घोषण से कम पाया गया। विभागीय टीम ने पायी गई विसंगतियों के आधार पर फैक्ट्री प्रबंधन पर व्यापार स्थल पर रुपए 279.38 लाख रुपए का माल अधिग्रहित किया गया। ज्वाइंट कमिश्रर सिद्धेश दीक्षित ने बताया कि फैक्ट्री में पायी गई विसंगतियों के आधार पर व्यापार स्थल पर 279.30 लाख रुपये के माल को जब्त करने के साथ थाना सिखेड़ा के थाना प्रभारी के सुपुर्द करने के साथ इसकी खरीद और बिक्री को रोकी गई है। उन्होंने बताया कि कागजात की जांच पूरी होने के बाद ही फर्म पर जुर्माना तय होगा। फैक्ट्री में की गई जांच के दौरान टीम में मुख्य रूप से मनोज शुक्ल उपायुक्त जीएसटी के अलावा मनोज कुमार मिश्र उपायुक्त, योगेंद्र प्रसाद सिंह सहायक उपायुक्त, मधुसूदन सिंह नितिन कुमार वाजपेयी सहायक उपायुक्त, अनिल कुमार एवं राजेन्द्र शर्मा और विपिन कुमार राज्य कर अधिकारी आदि मौजूद रहे।






