मुजफ्फरनगर। नगरपालिका प्रशासन के साथ में काम कर रही एमआईटूसी कंपनी के कर्मियों की हड़ताल के कारण सफाई व्यवस्था बेपटरी होने लगी है। वेतन न मिलने पर पहले बड़े वाहनों के लगे ब्रेक के बाद अब कर्मियों ने घरों से कूड़ा कलेक्शन का काम भी बंद कर दिया है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में गाड़ियां निकाले जाने का कंपनी ने दावा किया है। आरोप है कि कंपनी को पालिका से भुगतान न मिलने के कारण वेतन समस्या के चलते काम प्रभावित हो रहा है। ऐसे में कंपनी की हड़ताल के कारण पालिका द्वारा अपनी टीम उतारकर सफाई कराई जा रही है।
नगरपालिका क्षेत्र को क्लीन एंड ग्रीन बनाने की पवित्र मंशा के साथ चेयरपर्सन का कार्यभार संभालने वाली मीनाक्षी स्वरूप को दिल्ली की कंपनी के साथ करार करना गलत साबित हो रहा है। पूर्व में कई बार फजीहत झेलती रही पालिका को बीते 17 मई से फिर कंपनी के सेकेन्ड्री जोन के चालकों की हड़ताल का दंश झेलना पड़ रहा है। कर्मचारी वेतन नहीं दिये जाने के साथ ही अन्य देयों को लेकर परेशान हैं और काम बंद कर हड़ताल पर चले गये हैं। इससे पालिका प्रशासन के सामने कई समस्याएं पैदा होने लगी है। ऐसे में कूड़ा डलावघरों पर जहां कूड़ा समय से नहीं उठाया जा रहा है, वहीं वार्डों में गाड़ियां नहीं पहुंच पाने के कारण लोगों के घरों में भी कूड़ा करकट एकत्र हो जाने से परेशानी हो रही है।
एमआईटूसी के प्रोजेक्ट हैड ओम प्रकाश दूबे ने बताया कि पालिका द्वारा कंपनी को अनुबंध के अनुसार मासिक भुगतान 92 लाख रुपये न दिए जाने से वित्तीय संकट गहराने से कर्मचारियों का वेतन रूका है। पालिका ने मार्च से कंपनी को भुगतान नहीं किया है, कंपनी ने अपने संसाधनों से कर्मियों को वेतन देने के साथ ही पालिका में मासिक यूजर चार्ज के रूप में 28 लाख रुपये जमा कराये हैं। सेकेन्ड्री जोन के वाहन चालकों को अपै्रल माह का वेतन दिया जा चुका है। वो काम पर लौट आए हैं। प्राइमरी जोन में कूड़ा कलेक्शन कर्मियों का वेतन अभी नहीं दिया गया है, इसके बावजूद द्वारा कंपनी लगातार गाड़ियों को निकलवाया जा रहा है।
इन्होंने कहा-
पालिका चीफ योगेश कुमार गोलियान ने बताया कि कंपनी के सेकेन्ड्री जोन के कर्मियों की हड़ताल के कारण पालिका स्तर से 3 दिनों तक अपनी टीम और वाहन लगाकर कूड़ा डलावघरों से कूड़ा उठवाया गया है। अब कंपनी की टीम काम कर रही है, वहीं डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कंपनी कर्मियों ने बंद कर दिया है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल कुमार ने बताया कि वेतन नहीं मिलने के कारण एमआईटूसी कंपनी के कर्मचारियों ने बड़े और छोटे वाहनों को रोक दिया था, जिन्हें वार्ता के बाद सेकेन्ड्री जोन में चलाया गया है, अभी घर-घर से कलेक्शन के लिए कर्मचारी काम पर नहीं लौटे हैं। लगातार वार्ता की जा रही है। पालिका से कुछ भुगतान कराने पर सहमति बनी है। कर्मियों से काम पर लौटने के लिए कहा है, लेकिन मंगलवार सुबह तक भी कर्मचारी हड़ताल पर कायम थे। इसके लिए कंपनी को नोटिस भी जारी किया जा रहा है।







