मुजफ्फरनगर। नगरपालिका में एक सफाई कर्मचारी को कार्यवाहक सफाई नायक बनाये जाने के लिए फर्जी तरीके से पत्रावली तैयार करने के साथ ही अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह के फर्जी हस्ताक्षर कराये जाने का प्रकरण अभी चर्चाओं में बना हुआ है कि इसी बीच पालिका में ही एक सफाई कर्मचारी को नियमों को अनदेखा कर नाला गैंग का सुपरवाइजर बनाने का प्रकरण सामने आया है।
वार्ड सात के सभासद मौहम्मद खालिद ने इस मामले में पूर्व में भी पालिका में शिकायत करते हुए जांच की मांग की थी। खालिद के अनुसार मौहल्ला गाजावाली निवासी दर्शन कुमार पालिका में नियमित सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत था। करीब ढाई माह पूर्व दर्शन उनके वार्ड में ही कार्य कर रहा था और इसी बीच उसका निधन हो गया। इसके बाद मृतक आश्रित व्यवस्था के अनुसार दर्शन के पुत्र रितिक ने नौकरी के लिए आवेदन किया, पालिका प्रशासन ने रितिक को नौकरी प्रदान कर दी। खालिद का कहना है कि पालिका अधिनियम और शासनादेश के अनुसार रितिक की भर्ती सफाई कर्मी के मूल पद पर हुई है और उनको उनके पिता के स्थान यानि वार्ड सात में ही तैनात किया जाना था, लेकिन पालिका के अधिकारियों ने आपसी मिलीभगत करते हुए नियमों के विपरीत रितिक को अनुचित लाभ पहुंचाते हुए प्रमोट कर दिया। वर्तमान में रितिक को नाला गैंग का सुपरवाइजर बनाकर सेवा ली जा रही है, जो नियम संगत गलत हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए वो अब शासन स्तर पर शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं। इसमें नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो पाया।

अधिवक्ता परिषद ब्रज मुजफ्फरनगर इकाई द्वारा स्वाध्याय मण्डल कार्यक्रम आयोजित
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। अधिवक्ता परिषद ब्रज मुजफ्फरनगर इकाई द्वारा स्वाध्याय मण्डल कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को स्वाध्याय मंडल कार्यक्रम राष्ट्रीय सभागार हाल सिविल बार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता शलभ बंसल ने कार्यक्रम के विषय *घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005* के विषय में विस्तार से चर्चा की और






