मुजफ्फरनगर। नगरीय क्षेत्र में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कार्य करने के दौरान तमाम विवादों के चलते पालिका से अनुबंध खो चुकी दिल्ली की एमआईटूसी सिक्योरिटी एण्ड फैसिलिटी कंपनी के साथ कर्मचारियों का विवाद थमा नहीं है। वेतन न मिलने से क्षुब्ध कंपनी के कर्मचारियों ने वाहनों को फिर रोक दिया और कामबंद हड़ताल पर चले गये। इससे शहर में कूड़ा कलेक्शन कार्य भी ठप हो गया। इसकी जानकारी मिलने पर नगर पालिका प्रशासन ने हड़ताल को खुलवाने को कंपनी का भुगतान कराने का भरोसा दिया है।
बीते वर्ष फरवरी में पालिका के साथ दिल्ली की एमआईटूसी कंपनी ने शहर में कूड़ा कलेक्शन के लिए अनुबंध किया था। सभी 55 वार्डों में कंपनी डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करा रही है। इस वर्ष मार्च में कंपनी का अनुबंध खत्म होने पर नगरपालिका ने एक माह का विस्तार दिया था ताकि नया ठेका होने तक काम प्रभावित न होने पाये। ऐसे में कंपनी के साथ काम करने वाले कर्मचारियों ने वेतन नहीं देने पर गुरूवार को फिर से कामबंद हड़ताल कर दी और वाहनों को भी रोक दिया। कंपनी कर्मियों की हड़ताल किए जाने की जानकारी मिलने पर पालिका प्रशासन हरकत में आया और कर्मचारी हित में कंपनी को भुगतान जारी करने की तैयारी शुरू कर दी। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर ओपी दूबे ने बताया कि पालिका ने कंपनी को फरवरी माह से तय भुगतान नहीं किया है, इससे कर्मियों का वेतन रूका है। अब पालिका ने भुगतान करने का भरोसा दिया है, भुगतान होने पर कर्मचारियों को मार्च माह का वेतन जारी किया जायेगा।
इन्होंने कहा-
ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि एमआईटूसी सिक्योरिटी एण्ड फैसिलिटी कंपनी के कर्मचारियों की हड़ताल की जानकारी मिली है। वेतन देने के लिए कंपनी का दायित्व है। कंपनी को स्वास्थ्य विभाग से भुगतान जारी करने के लिए कहा गया है। मई माह में नई कंपनी से काम शुरू कराने की तैयारी की जा रही है।







