मुजफ्फरनगर। यूपी में खेतों पर फसलों की सिंचाई के लिए नया विद्युत आपूर्ति शेड्यूल जारी किये जाने को लेकर भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने इस फरमान को किसानों के खिलाफ बताते हुए आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर नए आदेश को निरस्त कराते हुए पूर्व की भांति दस घंटे आपूर्ति व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने संयुक्त किसान मोर्चा के साथ में मिलकर भाकियू ने मुख्यालयों पर किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रदर्शन कर ऐलान किया है।
प्रदेश में खेती कार्य के लिए विद्युत आपूर्ति की समयावधि को घटाकर इसे 07 घंटे करते हुए दो भागों में आपूर्ति को विभाजित कर दिया है। इसे लेकर भाकियू के राष्टÑीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर किसानों के खिलाफ इस कदम की निंदा की और इस आदेश को निरस्त कराये जाने की मांग की है। राकेश टिकैत ने कृषि पोषक फीडर पर विद्युत आपूर्ति के तय समय को घटाने के लिए जारी हुए नए आदेश के किसानों और खेती कार्यों पर पड़ने वाले इसके प्रतिकूल प्रभाव को लेकर मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि यूपी में कृषि में नहर व्यवस्था के साथ ही निजी नलकूप की व्यवस्था फसलों की सिंचाई करने के लिए महत्वपूर्ण अंग है, जिससे समय पर किसान फसलों को सिंचित करने के साथ ही इसके सहारे फसलों से बेहतर उत्पादन पाने का प्रयास भी कर रहा है। राकेश टिकैत ने पत्र में बताया कि 22 मार्च को जारी आदेश में कृषि पोषक फीडर से विद्युत समय 10 घंटे से घटाकर 7 घंटे कर दिया, जिसकी सप्लाई दो भागों में वर्गीकृत कर दी गई है। इसमें सात घंटे तक जो विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की है, उसके अनुसार किसानों को सुबह 5:15 बजे से 10:15 बजे और दोपहर बाद 4 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित रहेगी। यानि सुबह के समय 5 घंटे एवं शाम को 2 घंटे विद्युत की आपूर्ति कृषि पोषक फीडरों से की जायेगी। इतने कम समय की आपूर्ति और वो भी दो भागों में कटौती के साथ में होगी तो किसान फसलों की सिंचाई समय से नहीं कर पाएगा। राकेश टिकैत ने किसान हित को देखते हुए कृषि पोषक फीडरों पर पुन: पूर्ववत 10 घंटे विद्युत का आदेश जारी करते हुए 7 घंटे की आपूर्ति के इस नये आदेश को तत्काल प्रभाव से खारिज किए जाने की मुख्यमंत्री से मांग की है।






