मुजफ्फरनगर। विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश रितिश सचदेवा ने शुक्रवार को बाल सम्प्रेक्षण गृह एवं जिला कारागार का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संप्रेक्षण गृह और जिला कारागार में पाकशाला, अस्पताल, पुरुष एवं किशोर बैरक का निरीक्षण करते हुए यहां बंदियों के हितार्थ विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इस बीच अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितिश सचदेवा ने शिविर में उपस्थित रहे बंदियों को संवैधानिक व विधिक अधिकारों की जानकारी दी तथा उन्हें अवगत कराया कि बंदी अपने विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक हों। उन्होंने कैदियों से उनकी समस्याएं सुनने के साथ अवगत कराया कि यदि उन्हें कोई भी कानूनी समस्या हो तो जिला कारागार अधीक्षक के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अवगत कराने या आवेदन देने पर कार्यवाही किये जाने की बात कही। उन्होंने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए कि जिन बंदियों के मामले ई-जेल लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित हो सकते हैं, उनकी सूची विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रेषित करें जिससे उनके मामलों का शीघ्र निस्तारण हो सके। इस दौरान जिन बंदियों की जमानत याचिका अधीनस्थ न्यायालय द्वारा हो चुकी हो, उन्हें विधिक सहायता प्रदान की गई। इस दौरान उन्होंने बताया कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 10 मई को द्वितीय शनिवार में दीवानी न्यायालय परिसर मुजफफरनगर के अलावा वाह्य न्यायालय बुढ़ाना, ग्राम न्यायालय जानसठ एवं खतौली के साथ कलेक्ट्रेट मुजफफरनगर में किया जायेगा। जिसमें तमाम आपराधिक, 138 एनआई एक्ट, बैंक रिकवरी, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिका, टेलीफोन, बिजली-पानी के बिल, वैवाहिक वाद, भूमि अधिग्रहण, राजस्व तथा सिविल वादों का निस्तारण किया जायेगा।






