संत रविदास जयंती पर नगर में निकली भव्य शोभायात्रा

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मुजफ्फरनगर। देशभर के साथ जनपद मुख्यालय एवं गांव-देहात तक बुधवार को संत शिरोमणि गुरू रविदास जी की 648 वीं जयंती धूमधाम के साथ मनाई गई। इस बीच विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक संगठनों की ओर से संत रविदास जी द्वारा दिए गए संदेशों को जीवन में अपनाने के संकल्प के साथ हवन-यज्ञ के साथ पूजन कर उन्हें श्रद्धा से नमन किया गया। नगर मुख्यालय पर बुधवार को इस कड़ी में नगर के विभिन्न मौहल्लों से टाउनहाल मैदान में एकत्रित अनेक झांकियों व डीजे के साथ में संत शिरोमणि रविदास महाराज की शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा का शुभारम्भ बतौर मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप, कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार की धर्मपत्नी बीरमति देवी, सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया, सपा नेता राकेश शर्मा, भाजपा नेता विशाल गर्ग, वार्ड सभासदों के साथ दलित समाज के लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। इससे पूर्व समिति से जुड़े पूर्व सभासद राजकुमार सिद्धार्थ समेत अन्य कार्यकारिणी सदस्यों ने अतिथियों को पगड़ी, फूल माला एवं पटका पहनाकर भव्य स्वागत किया।
शोभायात्रा शुभारंभ अवसर पर चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि संत रविदास जयंती हर वर्ष माघ माह में धूमधाम से मनाई जाती है। उन्होंने कहा कि संत रविदास एक भक्त संत, समाज सुधारक और कवि थे, जिन्होंने जातिवाद व सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई। उनके द्वारा दिया गया प्रेम, एकता और भक्ति का संदेश आज भी लोगों को प्रेरित करता है। संत रविदास का जीवन और उनकी शिक्षाएं हमें समाज में समानता, प्रेम, भक्ति के साथ सादगी का महत्व सिखाती हैं। उनके दोहे आज भी प्रासंगिक हैं और मानवता को सही दिशा दिखाते हैं। संत रविदास जयंती पर हमें उनके संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए समाज में सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए।
कैबिनेट मंत्री की धर्मपत्नी बीरमति देवी ने कहा कि संत रविदास ने समाज में व्याप्त रहे जातिवाद का विरोध किया और मानव मात्र को समान बताया। उनका मानना था कि व्यक्ति की पहचान उसके कर्मों से होती है, न कि उसकी जाति से। संत रविदास भक्ति आंदोलन के प्रमुख संतों में से एक थे। जिन्होंने भक्ति मार्ग को अपनाकर भगवान की भक्ति को सर्वश्रेष्ठ बताया और निष्काम प्रेम तथा सेवा पर बल दिया। उन्होंने बताया कि संत रविदास का जन्म 15वीं शताब्दी में वाराणसी में हुआ था। वे एक चर्मकार परिवार में जन्मे थे, लेकिन उन्होंने सदैव सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर भक्ति मार्ग अपनाया और समाज में समानता का संदेश दिया।
इससे पूर्व नगर क्षेत्र में रविदास मंदिरों एवं दलित मौहल्लों में संत शिरोमणि रविदास जी की पूजा-अर्चना के साथ टाउनहाल प्रांगण से भव्य शोभायात्रा शहर के मुख्य मार्गों से निकाली गयी, जहां डीजे व बैंडबाजों की धुनों पर युवाओं की टोलियां मस्ती में झूमती हुई दिखाई दी। इससे पूर्व मौ. रैदासपुरी स्थित संत शिरोमणि गुरू रविदास मंदिर से शोभायात्रा का शुभारम्भ किया। इस दौरान मुख्य रूप से पूर्व सभासद राजकुमार सिद्धार्थ, बिजेन्द्र पाल, कमलकांत शर्मा समेत दलित समाज के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। इस दौरान शहर में विभिन्न सथानों पर प्रसाद का वितरण एवं भंडारों का आयोजन किया गया।

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