शीतकालीन अवकाश के बाद स्कूलों में शुरू हुई पढ़ाई

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मुजफ्फरनगर। सर्द हवाओं, ठंड व कोहरे के प्रकोप के चलते समूचे प्रदेश के साथ जिले में सोमवार से 8वीं तक के विद्यालयों में चल रहा शीतकालीन अवकाश रविवार को समाप्त हो गया। जनपद में भी करीब 19 दिनों के अवकाश के बाद सोमवार को विद्यालय पूर्ण रूप से खुल गए। इस बीच परिषदीय स्कूलों के साथ प्राइवेट स्कूलों में भी बंद चल रही कक्षा 8 तक की कक्षाओं में फिर से सोमवार को फिर बैठकर छात्र-छात्राओं ने अपनी पढ़ाई की। इस बीच स्कूल खुलने के साथ सुबह और दोपहर के समय सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रही।
पहाड़ों पर जारी बर्फबारी एवं मैदानी इलाकों में बारिश के बीच वेस्ट यूपी समेत जनपद में कड़ाके की ठंड व सर्द हवाओं का जारी प्रकोप बीते दो दिनों से बड़ा राहत भरा साबित हुआ है। इसके साथ शीतकालीन अवकाश के बीच में स्कूली बच्चों द्वारा की गई मौज मस्ती करने के दौर को बे्रक लग गए। छुट्टी के बीच परिजनों के साथ धार्मिक व पर्यटन केंद्रों की यात्रा पर गए तमाम बच्चे घरों में वापस लौट गए। परिषदीय स्कूलों में शीतकालीन अवकाश एक जनवरी से 14 जनवरी तक रहा, लेकिन अत्यधिक ठंड को देखते हुए बीएसए द्वारा इन निजी स्कूलों में भी ठंड का अवकाश घोषित रहा। जनपद में दो अलग-अलग आदेशों में 14 जनवरी तक ठंड का अवकाश किया गया। इसके बाद एक दिन विद्यालय खुला, लेकिन अत्यधिक ठंड पर बारिश के चलते फिर से परिषदीय सहित सभी बोर्ड के स्कूल 19 जनवरी तक बंद कराए गए। सोमवार को सभी विद्यालय सामान्य दिनों की भांति फिर से खुल गए। हालांकि बीते 19 दिनों से मौज मस्ती के आदि बच्चों ने पहले दिन काफी ना-नुकुर के बाद स्कूलों की ओर रूख किया, लेकिन इनमें कुछ बच्चे ऐसे दिखाई दिए, जिन्होंने रविवार को ही अपने बस्तों को दुरुस्त करने के साथ होम वर्क को चैक करने के साथ ही अपने परिजनों को स्कूल छोड़कर आने के लिए उठाते नजर आए। उधर, लंबे समय से अवकाश के चलते स्कूलों में खाली चल रही कक्षा आठवीं तक में भी छात्र-छात्राओं ने बैठकर पढ़ाई की। कई दिनों बाद छात्र-छात्राएं उत्साह के साथ विद्यालयों में पढ़ने के लिए पहुंचे। परिषदीय स्कूलों में छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों को छुट्टी के दिनों में की गई एक्टिविटी से अवगत भी कराया।

इन्होंने कहा-
बीएसए संदीप कुमार ने बताया कि 19 जनवरी तक कक्षा आठ तक के विद्यालयों में छात्रों को अवकाश था। सोमवार को सभी विद्यालय सामान्य रूप से खोले गए। अब विद्यालयों में आगामी परीक्षाओं की तैयारी के साथ कोर्स पूर्ण किए जाने की दिशा में लंबित कार्य को पूर्ण करने की तैयारी शिक्षकों के लिए एक चुनौती साबित होगी।

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