मुजफ्फरनगर। उच्च न्यायालय के जारी आदेशों के चलते यूपी सरकार अब ग्राम प्रधानों को जूम ऐप से आॅनलाइन प्रशिक्षण देगी। गांवों में प्रधानी की जंग जीतने वाले इन जनप्रतिनिधियों को पंचायतों में विकास करने के गुर सिखाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश पंचायती राज विभाग इसका कार्यक्रम तैयार कर रहा है। सोमवार से शुरू होने वाले इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद के 487 ग्राम प्रधानों की 04 बैचों में ब्लॉक स्तर के माध्यम से उक्त प्रशिक्षण प्रक्रिया शुरू होगी।
उच्च न्यायालय के जारी हुए आदेशों के क्रम में पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक ने जनपद में समस्त ग्राम प्रधानों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाना है। इस कड़ी में जूम मीटिंग ऐप के माध्यम से जनपद-मुजफ्फरनगर के 9 विकास खंडों के 487 ग्राम प्रधानों का 4 बैचों में 6 व 7 जनवरी को आॅनलाईन प्रशिक्षण जूम ऐप के माध्यम से उपनिदेशक (पंचायत) सहारनपुर मंडल सहारनपुर-प्राचार्य, जनपद पंचायत रिसोर्स सेंटर, शामली हरिकेश बहादुर के निर्देशन में मंडलीय कार्यालय से संपन्न होगी। इस आॅनलाइन प्रशिक्षण में उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1947 की धारा-15 के अनुसार ग्राम पंचायत के कार्य। पंचायती राज अधिनियम 1947 की धारा 95(1)(छ) के प्राविधानुुसार प्रधान का पद से हटाया जाना। ग्राम प्रधान को स्वयं के आयकर रिटर्न दाखिल करने के साथ ही महिला ग्राम प्रधान को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के संबंध में विशेष रूप से जानकारी दिये जाने के लिए उच्च न्यायालय द्वारा अपेक्षा की गई, ताकि प्रधानपति की अवधारणा को हतोत्साहित किया जा सके। विभाग की ओर से प्रशिक्षण के लिए ग्राम प्रधानों का 84 से 43 की संख्या में बैच बनाए गए हैं, जिसमें ब्लॉक स्तर पर इन ग्राम पंचायतों को जूम ऐप के जरिए गांवों में संचालित सभी विकास योजनाओं व उनके संचालन की विस्तार से जानकारी दिए जाने की योजना है। जनपद में शुरू इस पहल के बीच सोमवार 6 जनवरी को ब्लॉक बुढ़ाना व चरथावल ब्लॉक के ग्राम प्रधानों को प्रात: 11 बजे से जूम ऐप के माध्यम से बैच बनाकर जानकारी दी जाएगी। जहां जानसठ और मोरना ब्लॉक के ग्राम प्रधानों को उसी दिन दोपहर 2 बजे से जूम ऐप पर प्रशिक्षण दिए जाने की तैयारी है, वहीं 07 जनवरी को इसी तरह प्रात: 11 बजे से सदर मुजफ्फरनगर, पुरकाजी व बघरा ब्लॉक के प्रशिक्षण देने की तैयारी है। वहीं खतौली व शाहपुर ब्लॉक के ग्राम प्रधानों का प्रशिक्षण दो बजे दोपहर से किए जाने की योजना पंचायत राज अधिकारी धर्मेन्द्र कुमार ने तैयार की है, ताकि राजनीति के प्रथम सोपान अपने अधिकार और कर्तव्यों को जानने के साथ गांव के गलियारों में नई सोच के साथ विकास की गंगा को बहाने के साथ पात्रों को आने वाले दिनों में सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सके।






