डीएम उमेश मिश्रा की सख्ती के बाद टली सर्दी की प्रदर्शनी

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मुजफ्फरनगर। जिले की जनता को सस्ता व सुलभ मनोरंजन उपलब्ध कराने के साथ अन्नदाताओं को खेती से जुड़ी तकनीक तथा यांत्रिकी आविष्कार के बारे में जानकारी साझा कराने की दिशा में सर्दी में लगने वाली प्रदर्शनी पर ग्रहण लग गया है। दशकों से अपनी पहचान रखने वाली उक्त जिला कृषि एवं औद्योगिक प्रदर्शनी का आयोजन इस बार तमाम तैयारियां पूर्ण होने के बाद भी अब अधर में लटक गई है। पूर्व में गर्मियों के सीजन में मनोरंजन का सस्ता साधन रही इस प्रदर्शनी को दंगों के बाद सर्दी से पूर्व दीपावली मेले के रूप में शिफ्ट कर दिया गया था, लेकिन इस बार यह परम्परा टूटती दिख रही है। प्रदर्शनी का ठेका हो जाने के बाद बाजार लगने की तैयारी के बीच डीएम ने इस नुमाइश का अनुमोदन करने के बजाए जांच बैठा दी और सीडीओ को पत्रावली सौंपकर वित्तीय सम्बंधी रिपोर्ट तलब की, जिससे नुमाइश आयोजन अधर में लटक गया।
जिला कृषि एवं औद्योगिक प्रदर्शनी के नाम से जिले की जनता के मनोरंजन की दशकों तक साक्षी रही नगर के मेरठ रोड पर नुमाइश ग्राउंड में लगने वाली प्रदर्शनी का बाजार लगातार महंगा होता जा रहा है। बीते वर्ष 2023 में 30 दिन की नुमाइश का ठेका 2.38 करोड़ रुपये में बहराइच की कंपनी के नाम छूटा था, जबकि इस बार अधिकतम बोली 2.51 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। उक्त सर्वाधिक बोली लगाने वाली कंपनी कमला इंटरप्राइजेज मेरठ के मालिक रिंकू कुमार के नाम जिला प्रदर्शनी समिति ने यह ठेका छोड़ दिया, जबकि पिछले साल ठेके का पैसा भी वसूल नहीं होने की पीड़ा सुनाते हुए ठेकेदारों ने पूरा भुगतान करने से इंकार करते हुए छूट मांगी थी, तो बड़ा बवाल हो गया था। प्रदर्शनी समिति की ओर से नुमाइश मैदान के गेट के दरवाजे बंद कर ताला डाल दिया और ठेकेदार फर्म के झूले व अन्य सामान रोक लिया था। इसके बाद कंपनी को पूरा पैसा जमा कराना पड़ा था।
इस बार प्रदर्शनी की तैयारी अक्टूबर में शुरू हो चुकी थी। नवम्बर माह में इसके आयोजन की तैयारियों के बीच मीरांपुर सीट पर उपचुनाव की आचार संहिता लगने के कारण सारी तैयारी धरी रह गई। चुनाव निपटा तो फिर से जिला प्रदर्शन सीमिति की ओर से नगर मजिस्ट्रेट विकास कश्यप ने प्रदर्शनी के आयोजन की तैयारी शुरू की और इसके लिए निविदा आमंत्रित की गई। नगर मजिस्ट्रेट के समक्ष इन्हें खोला गया तो कमला इंटरप्राइजेज मेरठ कंपनी ने सर्वाधिक 2.51 करोड़ रुपये की बोली लगाई और उसको ठेका स्वीकृत कर दिया गया। यह ठेका बीते साल से 13 लाख रुपये अधिक रहा। इस पर 18 प्रतिशत जीएसटी अलग से देय तय किया गया। ठेका होने के बाद इसके अनुमोदन के लिए पत्रावली डीएम उमेश मिश्रा को भेजी तो उन्होंने इस पर जांच बैठा दी। डीएम ने बताया कि सीडीओ से वित्तीय व्यवस्था संबंधी रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद प्रदर्शनी आयोजन को लेकर निर्णय लिया जायेगा।

इन्होंने कहा-
जिला प्रदर्शनी समिति सचिव सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप ने बताया कि इस साल प्रदर्शनी के आयोजन की संभावना अब नहीं हैं। जनवरी में नुमाइश के आयोजन का औचित्य नहीं बनता, क्योंकि सर्दी बढ़ जायेगी। अभी डीएम की ओर से स्वीकृति नहीं मिली है। उनके द्वारा वित्तीय व्यवस्था को लेकर सीडीओ को जांच सौंपते हुए उनकी राय मांगी है।

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