मुजफ्फरनगर। पालिका संग कूड़ा निदान में जुटी एमआईटूसी कंपनी के समक्ष आर्थिक संकट मंडराने लगे हैं। कंपनी ने शहर में जिन शर्तों पर काम करना स्वीकार किया था, उन्हें पूरा न कर पाने पर नगर पालिका ने रसद रोक दी है। पूर्व में हुई जांच में मिली खामियों के कारण पालिका प्रशासन ने कंपनी का भुगतान रोक दिया।
कंपनी के परियोजना प्रबंधक पुष्पराज सिंह का कहना है कि पालिका से पैसा न मिल पाने के कारण तेल का बंदोबस्त करना मुश्किल हो गया, क्योंकि पेट्रोल पम्प से कंपनी वाहनों को डीजल मिलना बंद होने लगा है, वहीं खराब हो रहे वाहनों की मरम्मत भी नहीं हो पा रही है। यही नहीं वाहनों में पंक्चर जोड़ने वाले ने भी भुगतान के बिना कार्य करने से इंकार कर दिया है। कर्मचारियों के वेतन को लेकर तनाव अलग से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि कंपनी छोटे-बड़े 102 वाहनों से काम कर रही है। ऐसे में शहर में प्रतिदिन करीब 70-80 हजार रुपये का डीजल वाहनों में खर्च हो रहा है, जिसमें महीने में 20-25 लाख रुपये का तेल लग रहा है। पम्प से 15 दिन के उधार के अनुबंध पर कंपनी काम कर रही है, लेकिन अब पम्प का भुगतान बढ़ गया है। यूजर चार्ज वसूलने में भी पालिका का सहयोग नहीं मिल रहा है। प्राइवेट कर्मी वसूली नहीं करने देते हैं, प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी नहीं होने से समस्या बढ़ी है।






