मुजफ्फरनगर। शहर के दो अस्पतालों ने टैक्स निर्धारण में तथ्य छिपाते हुए पालिका को 7.32 लाख रुपये से अधिक का चूना लगा दिया। इसके साथ ही इन अस्पतालों में अवैध पार्किंग एवं व्यवसायिक लाइसेंस भी पालिका से नहीं लिया और अवैध रूप से इन अस्पतालों का संचालन हो रहा है। भाजपा सभासद की शिकायत पर कराई जांच में मामले का खुलासा हुआ है। अब पालिका प्रशासन ने दोनों अस्पतालों पर शिंकजा कसते हुए 5 साल तक किये करअपंवन में अपवंचित राशि जमा कराने और अन्य मामलों में नोटिस जारी करते हुए साक्ष्यों समेत स्पष्टीकरण मांगा है। एक सप्ताह में जवाब न देने पर पालिका इन पर बड़ा जुर्माना तय करने की कार्यवाही करेगी। इस जुर्माने में आनंद हॉस्पिटल पर 2,86,020 रुपए व राजवंशी हॉस्पिटल पर 4,46,600 रुपए के कर अपवंचन का आरोप है।
सूत्रों के अनुसार जांच में इन अस्पतालों में अनियमितता मिलने पर मूल्यांकन 5 लाख 64 हजार 840 रुपये के सापेक्ष इनके द्वारा 2 लाख 78 हजार 820 रुपये ही वार्षिक मूल्यांकन तय कराते हुए सालाना 2 लाख 86 हजार 20 रुपये का कर अपवंचन जांच में पकड़ा है। इसके लिए पालिका टैक्स विभाग ने आनंद हॉस्पिटल से अपवंचित धनराशि वसूलने के लिए नये सिरे से वार्षिक मूल्यांकन तय करते हुए इसके अंतर में 57,204 रुपये वार्षिक टैक्स बकाया दर्शाया है। अंतर वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक 5 वर्ष का वसूला जायेगा। इसके साथ आनंद हॉस्पिटल में पार्किंग के बनवाये बेसमेंट में मेडिकल स्टोर व अन्य गतिविधि पाए जाने, पार्किंग अवैध रूप से रोड पर किए जाने के मामले में जांच टीम को वहां 40 दो पहिया और 10 चार पहिया वाहन पार्क मिले, वहीं हॉस्पिटल में पालिका से बनवाया नहीं गया। पालिका ने 5 वर्ष के लिए आनंद हॉस्पिटल पर 2,86,020 रुपये का गृहकर और जलकर के रूप में कर अपवंचन का आरोप लगाया है।
वहीं राजवंशी हॉस्पिटल में इसी प्रकार की वित्तीय और अन्य अनियमितता पाई गई। इसके लिए अस्पताल संचालक पर भवन का वार्षिक संपत्ति मूल्यांकन 6 लाख 58 हजार 656 रुपये जांच टीम ने आंकते हुए 4,65,964 रुपये कर अपवंचन पकड़ा गया। इसके तहत पालिका ने हॉस्पिटल पर 89,320 रुपये वार्षिक कर अपवंचन आगणित करते हुए साल 2020 से 2024 तक पांच साल के लिए 4 लाख 86 हजार 600 रुपये का बकाया टैक्स तय किया है। इसके साथ जांच के दौरान राजवंशी हॉस्पिटल में कोई पार्किंग भूमि नहीं पाई गई। सड़क की भूमि पर अवैध पार्किंग करने के दौरान टीम को जांच में 35 दो पहिया व 5 चार पहिया वाहन खड़े मिले। वहीं हॉस्पिटल में कोई पालिका का व्यवसायिक लाइसेंस नहीं पाया गया।
इन्होंने कहा-
कर निर्धारण अधिकारी दिनेश यादव ने बताया कि सभासद हनी पाल की शिकायत पर टीम ने दोनों अस्पतालों की जांच कराई, जिसमें गंभीर अनियमितता पाई हैं। दोनों हॉस्पिटल ने तथ्य छिपाते हुए भवन संपत्ति मूल्यांकन कराते हुए कम टैक्स लगाकर पालिका को आर्थिक क्षति पहुंचाई है। इस मामले में पालिका अधिनियम के तहत शुल्क वसूली करने के लिए नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। जवाब न देने पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।







