मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, मुजफ्फरनगर के बीटेक सिविल इंजीनियरिंग एवं डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा संयुक्त रूप से अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें डॉ. अमित कुमार सिंघल द्वारा (“From Blue Print to Balance Sheet: Transforming Engineering and Architecture into Leadership Career”) विषय पर छात्रों को व्याख्यान दिया गया।

व्याख्यान के माध्यम से छात्रों को वर्तमान समय में हो रहे सिविल इंजीनियरिंग के विभिन्न औद्योगिक परिवर्तनों एवं नई तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई। अतिथि वक्ता ने भविष्य में होने वाले औद्योगिक परिवर्तनों के विषय में भी छात्रों को अवगत कराया।इस व्याख्यान में छात्रों को बताया गया कि सिविल इंजीनियरिंग में किए जाने वाले निर्माण कार्य में नक्शे से वास्तविकता में स्ट्रक्चर के परिवर्तन और उसके अनुसार धरातल पर कार्य कैसे किया जाए तथा उसके अनुरूप प्रोजेक्ट को किस प्रकार आगे बढ़ाया जाए।कार्यक्रम में श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, मुजफ्फरनगर के संस्थापक चेयरमैन डॉ. एस.सी. कुलश्रेष्ठ एवं निदेशक प्रो. (डॉ.) अश्वनी कुमार वशिष्ठ ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सिविल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष फिरोज अली, प्रधानाचार्य पॉलीटेक्निक इंजी. आशीष कुमार तथा अन्य सभी शिक्षकों की सराहना की एवं बधाई दी। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से सभी विद्यार्थियों को सफलता की कुंजी के विषय में बताया।इसी क्रम में उन्होंने बताया कि आज के औद्योगीकरण के युग में पुस्तकीय शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान का होना भी आवश्यक है। इस अवसर पर श्रीराम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग की डीन, एप्लाइड साइंस, डॉ. सुचित्रा त्यागी ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से श्रीराम कॉलेज के छात्रों के मन में अपने भविष्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तथा अपने क्षेत्र के विशेषज्ञों से जीवनोपयोगी बातें सीखने का सुअवसर प्राप्त होता रहेगा।कार्यक्रम की सफलता में बीटेक सिविल इंजीनियरिंग तथा डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग के सभी शिक्षकों का विशेष योगदान रहा।

केवल भक्ति से ज्ञान प्राप्त नहीं हो सकता : उमाकांतानंद सरस्वती
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जूना अखाङा के महामंडलेश्वर संत उमाकांतानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम जी मर्यादा और कृतित्व सिखाने के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के कान नहीं होते आंख होती हैं। आप जो व्यवहार करेंगे वही सीखेंगे। नई मंडी रामलीला भवन में आयोजित भगवान श्री राम कथा






