मुजफ्फरनगर। पहले से ही काफी चर्चाओं में रहा मुजफ्फरनगर जनपद एक बार फिर अपनी पहचान बनाने की ओर सुखिर्यां बटोरने की चाहत लेकर आ रहा है। चाहे क्राइम हो या फिर भाई चारा। मुजफ्फरनगर पर पूर्व में भी वेब सीरीज बन चुकी हैं। मुजफ्फरनगर पर अब कालिया हिन्दी फिल्म बनने जा रही हैं। सोमवार को आबकारी रोड स्थित रॉयल बैंकट हॉल में फिल्म निर्माता सलीम गौर ने अपनी पूरी टीम के साथ मीडिया सेंटर के पत्रकारों से वार्ता कर बताया कि 2025 में फरवरी माह में मुजफ्फरनगर में हो रहे क्राइम से बचने और उसकों रोकने की थीम पर आधारित हिन्दी फिल्म बनायेंगे। उन्होने बताया कि नफीस कालिया फिल्म की सूटिंग उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश में होगी। फिल्म की कहानी को लेकर बताया कि कहानी मुजफ्फरनगर की सच्ची घटनाओं पर आधारित रहेगी। फिल्म की कहानी के आधार पर फिल्म समूचे देश में छा जाने का दावा किया हैं। सलीम गौर व प्रदीप मारू कोहिनूर फिल्मस व पीएम फिल्मस एन्टरटेनमेंट के बेनर तले फिल्म की शुरूआत की जायेगी। उन्होंने बताया कि फिल्म मुजफ्फरनगर पर बनाई जायेगी, जिसके चलते फिल्म के अधिकतर किरदार मुजफ्फरनगर से उठाये गये हैं। फिल्म की शुरूआत करने से पूर्व ही लेखक निर्माता-निदेशकों द्वारा प्रमोशन के लिए अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करने का प्रयास किया जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि फिल्म के माध्यम से लोगों को क्राइम से दूर करने के लिए प्रेरित किया जायेगा, जिससे मुजफ्फरनगर के साथ साथ अन्य जनपदों में भी लोग क्राइम के प्रति जागरूक हो सके और बढते क्राइम के ग्राफ को रोकने में सहायता मिल सके। पत्रकार वार्ता में राजस्थान से आये कलाकारों द्वारा भी फिल्म को शुरू होने से पूर्व ही हिट होने का दावा किया गया हैं। इस दौरान सलीम गौर, प्रदीप मारू, सारा खान, आशू कपूर मौजूद रहे।

मुजफ्फरनगर में पेस्टिसाइड विनिर्माता इकाइयों पर छापेमारी, 12 नमूने लिए, मचा हड़कंप
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद में किसानों को गुणवत्तायुक्त कीटनाशक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को भारत सरकार और राज्य कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने जनपद में स्थापित पेस्टिसाइड विनिर्माता इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने पांच उत्पादन इकाइयों की जांच करते हुए कीटनाशकों के कुल 12 नमूने लिए, जिन्हें जांच के






