लखनऊ (रिपोर्टर)। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि कोरोना संक्रमण के दौरान आवश्यक सेवाओं में ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मी, बिजली, जल और टेलीफोन विभाग सहित अन्य सरकारी विभागों के वे कर्मचारी, जिनकी ड्यूटी के दौरान मृत्यु हुई, उन्हें भी ‘कोरोना वारियर’ माना जाएगा। न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति ए.के. चौधरी की पीठ ने राज्य सरकार के 27 अगस्त 2024 के दावा निरस्त करने के आदेश को रद्द करते हुए आठ सप्ताह के भीतर निर्धारित भुगतान करने का निर्देश दिया। अदालत ने इससे एक दिन पहले भी बिजली विभाग के एक कर्मचारी के मामले में इसी तरह का फैसला सुनाया था। यह आदेश मृतक हेड कांस्टेबल बलवंत प्रताप की पत्नी सेम्मा भारती द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोरोना काल में आवश्यक सेवाओं में तैनात सभी कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए।

बांकेबिहारी मंदिर में नई व्यवस्था, खाली जेब लेकर आएंगे और जाएंगे सेवायत
मथुरा (रिपोर्टर)। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद श्री बांकेबिहारी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और वित्तीय निगरानी को और सख्त कर दिया गया है। अब मंदिर में प्रवेश से पहले सेवायतों और सुरक्षाकर्मियों को अपनी जेबें खाली करनी होंगी और मंदिर से बाहर निकलते समय भी उनकी जांच की जाएगी।






