खतौली (रिपोर्टर)। त्रिवेणी शुगर मिल खतौली स्थित माँ वैष्णो देवी मंदिर प्रांगण में चल रही सप्ताहव्यापी श्रीमद् भागवत कथा का समापन आज को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन, पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के साथ हुआ। कथा के अंतिम दिन पूज्य कथा व्यास पंडित गंगोत्री तिवारी ‘मृदुल’ जी महाराज ने समस्त श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया।
हवन एवं पूर्णाहुति: प्रातः काल से ही यज्ञ मंडप में वैदिक रीति से हवन का आयोजन किया गया। पूर्णाहुति के अवसर पर यूनिट हेड डॉ. अशोक कुमार, राजेश सिंह, आशीष शर्मा, दीपक शर्मा, डॉ. ए.एन. पांडे, विशाल अग्रवाल, अशोक शर्मा, श्याम सुंदर शर्मा, प्रदीप मलिक, अशोक शर्मा एवं इतेश राठी सपत्नीक उपस्थित रहे। सभी ने विधि-विधान से हवन कुंड में आहुतियां अर्पित कीं।
कथा के समापन पर पूज्य महाराज जी ने उन सभी भक्तों को आशीर्वाद सहित कलश वापस प्रदान किए, जिन्होंने कथा आरंभ होने से पूर्व कलश स्थापना की थी। महाराज जी ने कहा कि “यह कलश आपके घर में सुख, समृद्धि और भगवत कृपा का प्रतीक बनेगा।” अपार जनसमूह की सहभागिता: हवन कुंड में आहुति देने के लिए मिल के अधिकारी, कर्मचारी, गन्ना किसान एवं क्षेत्र के श्रद्धालुओं का अपार जनसमूह उमड़ पड़ा। श्रद्धा और उत्साह का ऐसा संगम देखकर पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। पूर्णाहुति एवं महाआरती के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूज्य मृदुल जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि “सप्ताह भर की इस कथा श्रवण से आप सभी के जीवन में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संचार हुआ है। भागवत का यही संदेश घर-घर पहुंचे, यही कामना है।” त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लि., यूनिट खतोली के भागवत प्रबंधन समिति ने कथा के सफल एवं भव्य आयोजन पर पूज्य महाराज जी, सभी यजमानों, सहयोगी कर्मचारियों एवं समस्त क्षेत्रवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।

प्राचीन शिव मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में रुक्मणी मंगल प्रसंग के साथ गीतापाठ एवं कथा का विधिवत सम्मान
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। महामण्डलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज द्वारा संचालित श्री कृष्णकृपा जीओ गीता परिवार के सदस्यों द्वारा रेलवे स्टेशन के सामने स्थित प्राचीन शिव मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा व्यास पंडित कृष्णानन्द महाराज के साथ वार्ड सभासद महिका गुप्ता व शोभित गुप्ता को माल्यार्पण एवं गीता जी की प्रति भेंट कर सम्मानित किया। तत्पश्चात






