मुजफ्फरनगर। पालिका में फर्जीवाड़ा कर नित नए खेल करने का क्रम तमाम प्रयासों के बावजूद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऐसे में अफसरों के साथ जनप्रतिनिधियों की होती ऐसे मामलों में फजीहत रोज चर्चा के केंद्र में है। इस बार पालिका में मामला ओर भी दिलचस्प होता दिखाई दिया। इसमें चाय बेचने वाले को अपने ही उधारी के पैसे उस वö मांगने भारी पड़े, जब भुगतान के बजाए उसका चालान कर दिया गया। चालान भी इस शातिराना अंदाज में कि विभागीय अधिकारियों और चाय वाले को कुछ पता नहीं चल सका। कोर्ट से चाय वाले के समन आये तो उसने अपना दुखड़ा अधिकारियों के सामने सुनाया, फाइल खंगाली गई तो विभाग के बीसी का बड़ा खेल सामने आया।
नगरपालिका परिषद के सामने सदर बाजार में चाय की दुकान करने वाला मंगेश पालिका में अफसरों व कर्मचारियों को चाय बेचने का काम करता है। इसमें अधिकांश के साथ उसकी उधारी चलती है। मंगेश के सामने हाल में एक मुसीबत ने दस्तक दी है। सीजेएम कोर्ट से आए समन से वो भौचक्क है। समन नगरपालिका परिषद् के टैक्स विभाग द्वारा दी गई अतिक्रमण रिपोर्ट पर किया गया है। इसमें चाय वाले मंगेश को कोर्ट में हाजिर होने को कहा गया है। मंगेश कोर्ट का समन लेकर पालिका में पहुंचा और कर अक्षीक्षक नरेश शिवालिया से शिकायत करते हुए कहा कि साहब चाय सेवा करने के बाद भी उसका चालान करा दिया है, तो कर अधीक्षक सोच में पड़ गए। उनका कहना था कि उन्होंने तो उसका कोई भी चालान नहीं कटवाया है, फिर कोर्ट से समन कैसे आया। मामला कर निर्धारण अधिकारी दिनेश कुमार के समक्ष पहुंचा। उन्होंने मंगेश के चालान की पत्रावली तलब की तो उस पत्रावली का अवलोकन करने पर अफसरों के होश उड़ गए। कर अधीक्षक के फर्जी साइन और मुहर के साथ चालान कटा पाया गया। प्रथम दृष्टया जांच में पता चला कि टैक्स विभाग के लाइसेंस पटल पर कार्य कर रहे बीसी सोनू मित्तल का चाय के पैसों की उधारी के लिए कुछ दिन पहले मंगेश के साथ विवाद हुआ था। इसी रंजिश में बदला लेने के लिए बीसी सोनू मित्तल ने मंगेश का चालान फर्जी तरीके से बिना अफसरों के संज्ञान में लाये काटा, जिस पर कोर्ट से कार्यवाही हुई। इस चालान पर बीसी सोनू मित्तल ने कर अधीक्षक जो कि लाइसेंस पटल के प्रभारी भी हैं, के हस्ताक्षर व मुहर लगाकर राजस्व निरीक्षक विजय कुमार के साइन भी करा लिए।
इन्होंने कहा-
कर निर्धारण अधिकारी ने बताया कि मामला बेहद गंभीर है। अफसरों के फर्जी हस्ताक्षर कर चाय वाले का चालान किया गया है। इसमें कर अधीक्षक को जांच करने को कहा है।
उधर, टीएस नरेश शिवालिया ने मामले का संज्ञान लेते हुए राजस्व निरीक्षक विजय कुमार और बीसी सोनू मित्तल को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। इसके बाद आगे की कार्यवाही की जायेगी। मामले में चेयरपर्सन को भी अवगत कराया गया है।







