मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जिला कृषि विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी करते हुए यूरिया की कालाबाजारी पकड़ी है। टीम ने तीन वाहनों में लदे 454 बोरे बरामद किए गए हैं। पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। जनपद में यूरिया की किल्लत है, जिसके चलते किसानों को गन्ना, हरा चारा आदि की फसल में डालने को यूरिया नहीं मिल रहा है। आए दिन क्रय केंद्रों पर किसानों की लाइन लग रही है। ऐसे में जिले में यूरिया की कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया है।
जिला कृषि अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया ने बताया कि वर्तमान में किसान गन्ने की फसल में यूरिया डालते हैं। कई जगह से यूरिया किल्लत की शिकायत मिल रही है। डीएम के निर्देश पर तीन टीम निगरानी के लिए गठित है। निगरानी टीम को सूचना मिली थी भोपा और जानसठ थाना क्षेत्र में यूरिया की कालाबाजारी की जा रही है।
सोमवार देर रात जानसठ क्षेत्र से तीन चौपहिया वाहन पकड़े गए हैं, जिनसे 454 बोरे बरामद किए हैं। अभी तक की पूछताछ में सामने आया है कि भोकरहेड़ी और कवाल क्षेत्र से आरोपित दुकानदारों से यूरिया के बोरे खरीदने हैं और इन्हें हरियाणा और उत्तराखंड में ऊंचे दाम पर बेचते हैं। जनपद में यूरिया का प्रति बोरा 266 रुपए में किसानों को दिया जाता है। लगभग 80 प्रतिशत अनुदान के बाद किसानों से यह धनराशि ली जाती है। आरोपित दूसरी प्रदेश में महंगे दामों पर यूरिया बेचते हैं। इस मामले में यूरिया बेचने वाले पांच दुकानदारों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। आरोपितों के खिलाफ यूरिया कर विक्रय का लाइसेंस समेत अन्य दस्तावेज की जांच की जा रही है।
बता दें, जनपद में होने वाली उक्त कालाबाजारी को पकडने के लिए कृषि विभाग की टीम बीते 26 जून से लगातार रैकी कर रही थी। टीम की पुरकाजी, जानसठ और मोरना ब्लाक में निगरानी अभी भी चल रही है। इन क्षेत्रों से यूरिया की बड़ी कालाबाजारी होने का इनपुट मिल रहा है। डीएम उमेश मिश्रा के नेतृत्व में अभी तक उक्त प्रकरणों में जनपद में करीब 12 एफआईआर हो चुकी है, वहीं करीब 23 लोग जेल भी जा चुके है।

केंद्र सरकार प्रारंभिक चरण में ही वार्ता की नीति अपनाए, तो वास्तविक समस्याओं का समाधान होगा-अशोक बालियान
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने कहा कि केंद्र सरकार प्रारंभिक चरण में ही वार्ता की नीति अपनाए, तो वास्तविक समस्याओं का समाधान होगा। उन्होंने कहा कि हमारी राय में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल विपक्ष नहीं है, बल्कि किसी भी नीति को लेकर समय रहते संवाद स्थापित न






