पालिका में शामिल 11 गांवों में अब टैक्स लगाने की तैयारी

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मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् अब फजीहतों के बाद खर्च कम कर अपनी आय पर ध्यान देने के लिए शहर के उन क्षेत्रों में टैक्स लगाने और वसूलने की तैयारी शुरू कर रही है, जो सीमा विस्तार के बाद पालिका क्षेत्र में शामिल हुए हैं। इनमें 11 गांवों में आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 से टैक्स वसूलने का लक्ष्य तय करते हुए पालिका चेयरपर्सन के निर्देशों पर टैक्स विभाग नए क्षेत्रों का सर्वे कराकर भवनों पर नया नम्बर देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए ब्लू प्रिंट तैयार किया गया है। नक्शा बनने पर स्व:कर निर्धारण की प्रक्रिया के तहत घरेलू एवं व्यवसायिक भवनों पर टैक्स लागू होगा।
यूपी सरकार द्वारा नगरपालिका परिषद् मुजफ्फरनगर का बीते वर्ष सीमा विस्तार करते हुए शहर से सटे 11 आबाद गांवों बीबीपुर, अलमासपुर, शाहबुद्दीनपुर, कूकड़ा, सरवट, सहावली, सूजडू, वहलना, मीरापुर, मन्धेडा और खांजहांपुर को पालिका क्षेत्र में शामिल किया गया था। वहीं बिलासपुर, शेरनगर, मुस्तफाबाद और मुजफ्फरनगर गैर आबाद की कुछ भूमि पालिका क्षेत्र में शामिल की थी। इसके लिए 29 सितम्बर 2022 को प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात ने सीमा विस्तार की अधिसूचना जारी कर इन आबाद और गैर आबाद 15 गांवों के पालिका क्षेत्र में शामिल होने के बाद शहरी क्षेत्र में 4524 हेक्टेयर क्षेत्रफल बढ़ गया था। इसके साथ ही इन गांवों में करीब 1.78 लाख लोग पालिका क्षेत्र में आकर शहरी हो गए। सीमा विस्तार के करीब दो वर्ष पूरे होने के बावजूद अभी तक इन ग्रामों की सरकारी भूमि राजस्व विभाग व तहसील प्रशासन द्वारा पालिका को हस्तांतरित नहीं की। इस सीमा विस्तार के बाद मौजूदा बोर्ड पर 11 आबाद गांवों में पथ प्रकाश, पेयजलापूर्ति, सड़क और नाली निर्माण, नालों की सफाई, नियमित सफाई व्यवस्था को लेकर बजट खर्च कर रहा है, जबकि क्षेत्र से पालिका को आय नहीं हो रही है। इसे देखते हुए अब पालिका ने इन 11 गांव की आबादी पर गृहकर और जलकर लगाने की तैयारी की है। चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के आदेश पर टैक्स विभाग के अफसरों ने इसके लिए मंथन शुरू कर दिया है।

इन्होंने कहा-
कर निर्धारण अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि नगरपालिका सीमा विस्तार के दौरान शहरी क्षेत्र में शामिल 11 गांवों की आबादी को अब टैक्स के दायरे में लाने की तैयारी है। इसके लिए सर्वे शुरू कराया जाएगा। पहले चरण में मौहnावार व दूसरे चरण में वार्डवार नक्शा बनाने के साथ तीसरे चरण में भवन चिन्हीकरण करते हुए उनको नया नम्बर दिया जायेगा। इसके बाद स्व:कर निर्धारण प्रक्रिया को पूर्ण कराकर टैक्स निर्धारित करते हुए राजस्व वसूली का काम शुरू कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि सर्वे कार्य में कई माह का समय लगने की संभावना है। ऐसे में पालिका प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 से नए क्षेत्र के भवन स्वामियों से टैक्स वसूलने का लक्ष्य तय किया है।

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